ग़ज़ल तर्क वितर्क | Ghazal Tark Vitark

ग़ज़ल तर्क वितर्क मुश्क़िलों को समझें तर्क – वितर्क करें , मज़हबों में नहीं सोच में फ़र्क़ करें। कोहिनूर भी किसी ने चुरा लिया था , कमाई दौलत को …

हिंदुस्तान पर कविता :- हिंदुस्तान में | Hindustan Par Kavita Poem In Hindi

हमारा देश सभी देशों से अलग है और इसका कारन है यहाँ की एकता, मानवता और सुन्दरता। हिंदुस्तान जहाँ मेहमान को भगवान माना जाता है और सभी लोग आपस …

पटल को समर्पित कविता :- पटल के मन को भाया | Patal Ko Samarpit Kavita

पटल को समर्पित कविता पलता आया प्राण पिंजर में हर साँस ने मेरी गाया, एक से बढ़कर एक सुर-पाँखी पटल के मन को भाया। ढ़ली साँझ बन मुरली जैसी …

नारी पर कविता :- हे नारी तू महान है | Nari Par Kavita

नारी पर कविता मन में विश्वास है हे नारी तू महान है मां, बहन, बेटी, पत्नी के रूप में हो तुम सजती । तो देवी बन मां सरस्वती ,लक्ष्मी …

विश्व पर्यावरण दिवस पर हिंदी कविता :- कटते जंगल | 5 जून पर विशेष कविता

विश्व पर्यावरण दिवस पर हिंदी कविता धरती की हरियाली को तूने लूटा है, बताओ कितने जंगल को तूने काटा हैं! वनो में अब न गुलमोर न गूलर खड़ी है, …

कविता दर्द दिया तकदीर ने :- आज के सच पर कविता | Kavita Dard Diya Takdeer Ne

हमारे समाज और देश में आज-कल होने वाली घटनाओं को कौन नहीं जानता? ये सब देख कर आम आदमी चाहे खामोश रहे लेकिन एक कवि कभी चुप नहीं बैठता। …