बाल कविता इन हिंदी :- सपनों की दुनिया | सपनों पर कविता

1+

बाल कविता इन हिंदी  ( Hindi Bal Kavita ) सपनों की दुनिया – प्रिय पाठकों, आज हम बात करेंगे सपनों की दुनिया की क्योंकि हमारी दुनिया का तो आप सभी को पता ही है, किन्तु इस दुनिया को हमने एक बाल कविता का रूप दिया है और इसके माध्यम से बताया गया है कि इस दुनिया को लेकर बच्चे भी एक सोच रखते हैं, यह सच्ची हो या झूठी लेकिन हम नकार नहीं सकते कि ऐसी दुनिया नहीं होती है। जो बात हमने कभी सोची भी नहीं हो वह भी हम कई बार सपने में कर देते हैं। ऐसा ही एक अनुभव एक  छोटे बच्चे द्वारा देखे गये सपनों के बाद, आइये पढ़ते हैं बाल कविता इन हिंदी ” सपनों पर कविता ” :-

बाल कविता इन हिंदी

बाल कविता इन हिंदी

सपने-सपने प्यारे सपने।
लगते हो तुम मुझको अपने।
मीठे मीठे जब सपने आते।
तब सपनों की दुनिया में जाते।

बोलो कहाँ है घर तुम्हारा?
नहीं लगता है क्या वो प्यारा?
होंगे तुम्हारे भी पापा मम्मी
साथ में दादी और दादा।

लगते हो तुम बहुत सयाने।
काम करते हो सारे मनमाने।
तुम पर जोर न हमारा चलता।
यही मै सबसे कहता फिरता।

घर अपना नहीं भाता तुमको।
जो आते हो सताने मुझको।
कभी कभी तुम अच्छे लगते।
कभी नहीं तुम सच्चे लगते।

जब आते हो तुम डराने।
मन मेरा लगता घबराने।
कभी नाचते कभी गाते।
कभी वानर खेल दिखाते।

कभी मैं ऊपर अम्बर जाऊं।
कभी धरती पर रौब दिखाऊँ।
कभी छोटा बच्चा बन जाऊँ।
कभी खुद को मैं बूढा पाऊँ।

सपना तुम्हारा मुझको भाता
जब नानी के घर हो आता।
भांति भांति के व्यंजन खाता।
दिखा दिखा सबको ललचाता।

नानी की गोदी में सोता।
उनका हूँ मैं प्यारा पोता।
जब किस्सों की बात आती
कहानियाँ नानी की ही भाती

भूत-प्रेत या भगवान वाली
जो देती हैं मुझे खुशहाली।
रात छँटकर भोर है आती।
सपनो को है दूर ले जाती।

सुबह चिड़ियों की बोली संग।
सुकून की नींद मेरी होती भंग।
जब सपना मेरा टूट जाता
खुद को बिस्तर पर हूँ पाता।

यही जीवन की सच्चाई है।
सपनों की दुनिया पराई है।

यह भी पढ़ें – चिड़िया पर कविता – ओ री चिड़िया (बाल कविता )

इस कविता का विडियो देखने के लिए नीचे क्लिक करें :-


मेरा नाम हरीश चमोली है और मैं उत्तराखंड के टेहरी गढ़वाल जिले का रहें वाला एक छोटा सा कवि ह्रदयी व्यक्ति हूँ। बचपन से ही मुझे लिखने का शौक है और मैं अपनी सकारात्मक सोच से देश, समाज और हिंदी के लिए कुछ करना चाहता हूँ। जीवन के किसी पड़ाव पर कभी किसी मंच पर बोलने का मौका मिले तो ये मेरे लिए सौभाग्य की बात होगी।

“ बाल कविता इन हिंदी ” के बारे में कृपया अपने विचार कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें। जिससे लेखक का हौसला और सम्मान बढ़ाया जा सके और हमें उनकी और रचनाएँ पढने का मौका मिले।

यदि आप भी रखते हैं लिखने का हुनर और चाहते हैं कि आपकी रचनाएँ हामरे ब्लॉग के जरिये लोगों तक पहुंचे तो लिख भेजिए अपनी रचनाएँ  hindipyala@gmail.com पर या फिर हमारे व्हाट्सएप्प नंबर 9115672434 पर।

हम करेंगे आपकी प्रतिभाओं का सम्मान और देंगे आपको एक नया मंच।

धन्यवाद।

 

1+

Leave a Reply