देश भक्ति होली गीत :- कैसे खेलें हम सब होली | Desh Bhakti Holi Geet

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आप पढ़ रहे हैं आदरणीया कविता सिंह “वफ़ा” जी द्वारा रचित ( Desh Bhakti Holi Geet ) देश भक्ति होली गीत “कैसे खेलें हम सब होली ” :-

देश भक्ति होली गीत

कैसे खेलें हम सब होली
सीमा पर जब चलती गोली,
खोए हैं अब राग रंग सब
भूल गई है हँसी ठिठोली,
कैसे खेलें हम सब होली।

खुशियाँ सब दुश्मन ने लीली
धरती सैनिक खूं से सीली,
रंग जले हों पिया चिता पर
आँखें आँसू से हों गीली,
फिर कैसी रंगों की होली
कैसे खेलें हम सब होली

कहाँ गया वो भाईचारा
कहाँ गया फागुन मतवारा,
खोई हैं ढोलक की थापें
गीतों का खोया फौवारा,
अजब अनोखी आई होली
कैसे खेलें हम सब होली।

पढ़िए :- सैनिक पर देशभक्ति कविता “एक दीप तुम्हारे नाम”


 कविता सिंह वफ़ायह रचना हमें भेजी है आदरणीया कविता सिंह जी ने। आप एक सामान्य गृहणी हैं। आप हिंदी विषय में परास्नातक हैं और ग़ज़ल , कविताएँ , मुक्तक , कतअ , दोहा गीत आदि लिखने में रूचि रखती हैं। अनेकों साझा संकलन और पत्र पत्रिकाओं में आपकी रचनाओं को स्थान मिला।

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