Tag: अंशु विनोद गुप्ता

ग़ज़ल अच्छा लगता है | Ghazal Achha Lagta Hai

0 ग़ज़ल अच्छा लगता है ख़त का आना,सबसे छुपाना, अच्छा लगता है। सोच के रखना नया ठिकाना, अच्छा लगता है। पहली टक्कर,ज़ोर का झगड़ा नहीं भूलता कुछ बार-बार क़िस्सा …

ग़ज़ल न तुम ही मिलोगे | Ghazal Naa Tum Hi Miloge

1+ ग़ज़ल न तुम ही मिलोगे न तुम ही मिलोगे न हम ही मिलेंगे। फ़क़त सोज़-ए-हिज्रां में जलते रहेंगे। निभा दोनों लेंगे यूँ अपनी वफ़ा को अगर जी न …

ग़ज़ल – भूलने में ज़माने लगे हैं | Ghazal Bhulane Mein Zamane Lage Hain

0 ग़ज़ल – भूलने में ज़माने लगे हैं रक़ीबों से निस्बत बढ़ाने लगे हैं दिलो-जान उन पर लुटाने लगे हैं वो फिर से पलटकर क्यूँ याद आए जिन्हें भूलने …

ग़ज़ल – बावरा मन | Ghazal Bawra Man

0 ग़ज़ल – बावरा मन पेड़ की फुनगी का तोता बावरा मन। उन्स में ईश्वर के रोता बावरा मन। ग़र्ज़ के गहरे समुंदर में नहाकर हर भरोसा अपना खोता …

कोरोना पर बाल कविता – सुनोना सुनोना | Corona Par Bal Kavita

0 आप पढ़ रहे हैं आदरणीया अंशु विनोद गुप्ता जी द्वारा रचित कोरोना पर बाल कविता ( Corona Par Bal Kavita ) “ सुनोना सुनोना ” कोरोना पर बाल …

कोरोना पर दोहे हिंदी में :- कोरोना से बाचाव के लिए प्रेरित करते दोहे

0 आप पढ़ रहे है कोरोना महामारी से बचने के लिए प्रेरित करते आदरणीया अंशु विनोद गुप्ता जी के ( Corona Par Dohe Hindi Mein ) कोरोना पर दोहे …