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Sandeep Sindhwal

मैं संदीप सिंधवाल संजू पुत्र श्री तुंगडी सिंधवाल रौठिया रुद्रप्रयाग उत्तराखंड का निवासी हूं। मैंने हिंदी में दिल्ली विश्वविद्यालय से एम. ए. किया है तथा कलनरी आर्ट फूड साइंस में बी. एस. सी. किया है। 5 साल दिल्ली के एक होटल में शेफ की नौकरी करने के पश्चात मै 5 साल से ऑस्ट्रेलिया के समीप पोर्ट मोरस्बी में कार्यरत हूं। मेरा व्यवसाय मेरे लेखन से बिल्कुल विपरीत है। विदेश में रहकर भी मैंने बहुत कविताएं लिखी हैं। मै सन 2000 से कविताएं लिखता हूं जो विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित होती रही हैं। मैट्रिक पास करने के बाद ही मेरी कविता रचना में रुचि बढ़ी। भगवान रुद्र पर कविता लिखना मेरा सौभाग्य है। विदेशों में हिंदी के प्रचार प्रसार के लिए भरसक प्रयास करता हूं।

होली पर कविता :- ये रंगों की होली | Holi Par Hindi Kavita

होली बधाई कविता

आप पढ़ रहे हैं होली के पावन अवसर पर संदीप सिंधवाल जी द्वारा रचित बेहतरीन ( Holi Par Hindi Kavita ) होली पर कविता “ये रंगों की होली” :- होली पर कविता ये रंगों की होली एक बार आती बरस में इधर होली रंगते दिखाई देते हैं हर पल में। सफेद आगोश में छुपे रंग …

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26 जनवरी पर कविता :- एक शहीद की आवाज | गणतंत्र दिवस पर कविता

हिंदी कविता रक्त उबलते देख रहा हूँ

26 जनवरी पर कविता – भारत को स्वतंत्र करवाने में शहीदों का बहुत अहम योगदान रहा है। लेकिन क्या उनकी सोच के मुताबिक आज यह देश चल रहा है? आज देश की परिस्थिति देख कर क्या सोच रहा होगा एक शहीद। उन्हें कविता के रूप में रचनाकार ने कुछ इस ने कुछ इस प्रकार लिखा …

26 जनवरी पर कविता :- एक शहीद की आवाज | गणतंत्र दिवस पर कविता Read More »