दो जून की रोटी कविता – रोटी के महत्व पर कविता | Roti Par Kavita
इंसान अपने जीवन में रोटी के लिए न जाने क्या-क्या काम करता है। संसार के चलने के पीछे सारा खेल ही दो जून की रोटी का है। अगर रोटी का चक्कर न होता तो शायद सबसे आलसी जीव इन्सान होता। लेकिन रोटी कमाना भी आज के समय में आसान नहीं…

