बेटी पर छोटी कविता :- बेटियां कुल का गौरव होती है

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बिना बेटियों के इस संसार की कल्पना भी नामुमकिन है। बेटियां हैं तो माँ है, बहन है, पत्नी है और दुनिया के बाकी रिश्ते हैं। आइये पढ़ते हैं उन्हीं बेटियों को समर्पित यह ” बेटी पर छोटी कविता ”

बेटी पर छोटी कविता

बेटी पर छोटी कविता
बेटियां कुल का गौरव होती है,
बेटियां प्रार्थनाएं होती है,
बेटियां वसुंधरा का रूप होती है,
बेटियां फूलों का उपवन होती है,
बेटियां दुर्गा का अवतार होती है
बेटियां शर्मिली और शांत होती है।

बेटियां वैदिक ऋचाएं होती है,
बेटियां जन्नत की नूर होती है,
बेटियां करूणा हृदय वाली होती है,
बेटियां लक्ष्मी, सरस्वती का रूप होती है,
बेटियां धर्म, न्याय की स्तभं होती है
बेटियां समाज को नई दिशा देती है,

बेटियां साहित्य की भंडार होती है,
बेटियां संस्कृति की रक्षक होती है,
बेटियां स्नेह, ममता का प्रतिरूप होती है,
बेटियां परिवार का आधार होती है,
बेटियां गंगा जल ही होती है,
बेटियां घर की पूजा-अर्चना होती है,

बेटियां गुरुग्रंथ की वाणी होती है
बेटियां गीता का उपदेश होती है,
बेटियां कुरान की आयतें होती है
बेटियां बाइबिल सी पवित्र होती है,
बेटियां प्रेरणा की मूरत होती है,
बेटियां पिता की ताकत होती है।

बेटियां दो परिवारों की ताकत होती है,
बेटियां भोर की किरण होती है,
बेटियां पिता की ताकत होती है,
बेटियां ईश्वर की विलक्षण रचना है,
आओ करें इसका संरक्षण
दे, इसको महत्त्व और अभिरक्षण।

पढ़िए :- सपनों की दुनिया पर कविता 


रचनाकार का परिचय  –

नाम—कालिका प्रसाद सेमवाल
शिक्षा—एम०ए०, भूगोल, शिक्षा शास्त्र
आपदा प्रबंधन, व्यक्तित्व विकास फाउंडेशन कोर्स विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए बी०एड० सम्प्रति व्याख्यात
सेवारत —जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान रतूड़ा रूद्रप्रयाग उत्तराखंड
प्रकाशित पुस्तकें–रूद्रप्रयाग दर्शन
अमर उजाला,दैनिक जागरण ,हिंदुस्तान व पंजाब केसरी विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में धर्म संस्कृति व सम सामयिक लेख प्रकाशित होते हैं ,उत्तराखंड विघालयी शिक्षा की हमारे आसपास,कक्षा 3,4,5, और कक्षा 6 की सामाजिक विज्ञान पुस्तक लेखन समिति के सदस्य और लेखक भी हैं।
अब तक प्राप्त सम्मान—
रेड एण्ड व्हाईट पुरस्कार, हिंदी साहित्य सम्मेलन प्रयाग द्वारा साहित्यभूषण, साहित्य मनीषी,अन्य मानस श्री कालिदास सम्मान,उत्तराखंड गौरव साहित्य मण्डल, श्रीनाथ द्वारा साहित्य रत्न, साहित्य महोपाध्याय सम्मानोपधि व देश की विभिन्न संगठनों द्वारा साहित्य में पचास से अधिक सम्मान मिल चुके है
पता—मानस सदन अपर बाजार
रूद्रप्रयाग उत्तराखंड
पिनकोड 246171


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