Tag: प्रकाश रंजन मिश्र

तुम याद बहुत आती हो कविता | Yaad Bahut Aati Ho Kavita

+4 तुम याद बहुत आती हो कविता हम क्या सोचते है और क्या होता है ना जाने ये दिल क्यों रोता है, नजरों से तुम सब कुछ कह जाती …

हिंदी कविता गांव पर :- गांँव की तो बातें ही निराली | Gaon Kavita

+2 हिंदी कविता गांव पर हरी भरी हरियाली तेरी मोह लेती हो मन को मेरी, हमेशा अपनी याद दिलाती गांँव की तो बातें ही निराली। कही चौपल पर बैठ …

पिता पर हिंदी कविता :- पिता हमारे सुख दु:ख | Pita Par Kavita

+2 पिता पर हिंदी कविता नहीं पता की वो अपने दिल में कितना दर्द दबाते हैं, पिता हमारे सुख दु:ख में सदा ही मुस्कुराते हैं। पिता विन सब सूना, …

माँ की याद कविता :- माँ तुम बहुत याद आती हो | Maa Ki Yaad

+2 माँ की याद कविता तू ममता की मूरत, तू करुणा की सागर है, तेरे बिन ये सब जग सूना, तेरे बिन परिवार अधूरा, तू हमेशा हंसती थी माँ, …

दोस्त पर कविता :- ए दोस्त तू प्यारा है | Dost Par Kavita

0 दोस्त पर कविता जिंदगी में जब से तू आया है, सारी खुशियों ने अपना डेरा मेरे पास ही बनाया है, मैं अम्बर सा प्यासा हूँ, तू समुद्र की …

बहन की याद में कविता :- मेरी प्यारी बहना | Bahan Par Kavita

+3 बहन की याद में कविता मेरी प्यारी बहना तुम हमेशा मुझे सताती हो, मेरी झूठी बात को भी, सही हमेशा मान जाती हो, मेरी प्यारी बहना मुझको तुम …

हनुमान जी पर कविता :- जय हनुमान | Hanuman Ji Par Kavita

0 आप पढ़ रहे हैं हनुमान जी पर कविता :- हनुमान जी पर कविता जय हनुमान ज्ञान के सागर, कृपा करो हे कष्ट के नाशक, पवनतनयअंजनी के लाला, श्रीरामजी …

हिंदी कविता हम भारतवासी | Hindi Kavita Hum Bharatwasi

+1 हिंदी कविता हम भारतवासी दर्द में भी खुशी मनाते हैं, इसीलिए हम भारतवासी कहलाते हैं। दर्द मतलब कुछ नहीं, हंसते हंसते सारी मुश्किलें पार कर जाते हैं, इसीलिए …