Author: हिंदी प्याला

देवी स्तुति कविता | Devi Stuti Kavita

+4 आप पढ़ रहे हैं देवी स्तुति कविता :- देवी स्तुति कविता शुभ्र शुचिता शुभम, श्वेत पदमासनम, सर्वगुणसम्पदम, त्वम विनय वारिधि ।। शारदे पूण्यतम, पथ पुनितम परम, मंगलम स्नेह, …

अनुराग पर कविता | Anurag Par Kavita

+1 आप पढ़ रहे हैं अनुराग पर कविता :- अनुराग पर कविता अनुराग के बिना, जीवन होता है नीरस। प्रेम की गंगा में ही, बहता‌ है अमृत रस। कवि …

हिंदी कविता रक्त उबलते देख रहा हूँ | Kavita Rakt Ubalte

+2 वर्ष 2021, गणतंत्र दिवस के मौके पर उपद्रवियों द्वारा लाल किले पर अभद्रता और हुड़दंग मचाने की घटना की कवि हृदय से भर्त्सना करती हुयी हिंदी कविता रक्त …

हिंदी कविता मैं लिखता रहूंगा | Kavita Mai Likhta Rahunga

0 आप पढ़ रहे हैं हिंदी कविता मैं लिखता रहूंगा :- हिंदी कविता मैं लिखता रहूंगा मैं आज नहीं चिंगारी हूँ, पत्थरों में भी दिखता रहूंगा। मैं अपनी बोली, …

बहन के लिए कविता | Bahan Ke Liye Kavita

0 आप पढ़ रहे हैं बहन के लिए कविता :- बहन के लिए कविता बहन तो गुड़िया है मेरी, ओर मम्मी पापा है जान। मज़ाक मस्ती खूब वो करती, …

जब नाराज होगी प्रकृति | पुस्तक समीक्षा

+1 जब नाराज होगी प्रकृति – पुस्तक समीक्षा काव्य संग्रह ( जब नाराज होगी प्रकृति ) – निमिषा सिंघल जैसे समुद्र छुपा लेता है सारे शोर… नदियों, जीव जंतुओं …

हरि सिंह नलवा पर कविता | Poem On Hari Singh Nalwa

+3 हरि सिंह नलवा पर कविता – महाराजा रणजीत सिंह के शासन काल मे मुहम्मद शाह नाम के अफगानी लुटेरे ने भारत पर चढ़ाई की, और उसका प्रतिरोध करने …

हिंदी कविता गुमराह | Hindi Kavita Gumrah

+1 आप पढ़ रहे हैं हिंदी कविता गुमराह :- हिंदी कविता गुमराह हम मनाते रहे बार बार, वो हर बार बिछड़ बैठे। मुझे यकीन था जिसपर, वो हमें ही …

कविता पिता के लिए :- कभी धरती और आसमान है पिता

+1 आप पढ़ रहे हैं कविता पिता के लिए :- कविता पिता के लिए कभी धरती और आसमान है पिता, मेरा अभिमान व स्वाभिमान है पिता,, बेशक जन्म दिया …

खोटे सिक्के पर कविता :- एक दिन मैं भी चलूंगा

+1 आप पढ़ रहे हैं खोटे सिक्के पर कविता :- खोटे सिक्के पर कविता . मै सिक्का हूं खोटा, एक दिन मै भी चलूंगा। भीख में कभी मस्जिद में, …