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हिंदी प्याला

ज़िन्दगी की चाहत कविता | Zindagi Ki Chahat Kavita

ज़िन्दगी की चाहत कविता

आप पढ़ रहे हैं ज़िन्दगी की चाहत कविता ( Zindagi Ki Chahat Kavita ) :- ज़िन्दगी की चाहत कविता मिलन विरह की उलझन से दुख तम से मिल जाती राहत मृदुल, मधुर मुस्कानें भर दूं है मेरी छोटी सी चाहत । सूरज निकलता, तपती दोपहरी ढ़ल ढ़लती संध्या होती हर प्रहर मैं,मीठेपन की हंसकर मुहर …

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कविता फूल बन महकना | Motivational poem

ज़िन्दगी की चाहत कविता

आप पढ़ रहे हैं कविता फूल बन महकना :- कविता फूल बन महकना काँटों की सेज जीवन, तुझे पार है उतरना… कष्टों की झाड़ियों पर तुझे फूल बन महकना। मुश्किल हो रास्ता गर, लगी बड़ी डगर हो.. हिम्मत न हारना तुम, मन में तेरी लगन हो। गर डर के तुम न लौटे, मंजिल तुम्हें मिलेगी.. …

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भगवान पर कविता | Bhagwan Par Kavita

ज़िन्दगी की चाहत कविता

आप पढ़ रहे हैं भगवान पर कविता ( Bhagwan Par Kavita ) :- भगवान पर कविता मंदिरों के द्वार पर रस्में सारी निभाई घंटी, शंख की गूँज थीं पर आवाज़,तुम्हारी ही नहीं आई। प्रार्थनाएँ की बहुत ना जाने कितनी बार अजस्र स्वर फैला था अनहद नाद सा प्यार। सुख दुख,दोनों ने हीं तुम्हें याद किया …

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कविता बरसो मेघा प्यारे | Kavita Barso Megha Pyare

कविता बरसो मेघा प्यारे

आप पढ़ रहे हैं कविता बरसो मेघा प्यारे :- कविता बरसो मेघा प्यारे भयंकर गर्मी चहूं ओर, त्राहिमाम त्राहिमाम कर रहे सारे। मोर बोले मेव आओ-मेव आओ,अब तो बरसो मेघा प्यारे। उमड़ घुमड़ कर आओ, कर दो वारे-न्यारे‌। ताल-तलैया सब भर दो, खूब बरसो मेघा प्यारे। गगन में तेज गर्जना, चमके बिजली टमटम करते तारे। …

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कसम पर कविता | Kasam Par Kavita

फूल और कांटे कविता

आप पढ़ रहे हैं कसम पर कविता :- कसम पर कविता जिंदगी में आए हो, तो कसमें लेनी पड़ेगी। जीवन के हर मोर्चे पर, कसमें निभानी पड़ेगी। कसम लेना है आसान, निभाना होता है भारी। जीवन में हर आदमी की, भूमिका होती है न्यारी-न्यारी। पिता, पति, मामा व चाचा, उस पर अलग-अलग है जिम्मेदारी। हर …

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हिंदी बाल कविता :- आओ जंगल की कहानी सुनो

हिंदी बाल कविता

आप पढ़ रहे हैं हिंदी बाल कविता ” आओ जंगल की कहानी सुनो ” :- हिंदी बाल कविता आओ जंगल की कहानी सुनो सदियों बात पुरानी सुनो। जहाँ रहते थे सभी जीव जंतु आपस मे मिलजुलकर, धमाचौकडी करते थे सब मिलकर दिनभर। चिड़िया चुं – चुं गाना गाती नित – दिन सुबह सबको जगाती, कोयल …

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सब्जियों पर हास्य कविता | आलू और बैंगन के बीच लड़ाई

सब्जियों पर हास्य कविता

आप पढ़ रहे हैं ( Sabjiyon Par Hasya Kavita ) सब्जियों पर हास्य कविता :- सब्जियों पर हास्य कविता आलू,प्याज, भिन्डी से बैंगन की हुई लड़ाई। सब्जी मंडी में एक अकेला, क्या करें चौलाई।। भिन्डी प्याज लड़ न पाए,आलू की बारी आई। आलू बोला टमाटर से बैंगन को समझा मेरे भाई।। बैंगन बोला हमको भी …

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योग दिवस पर कविता :- योग देता है शक्ति | Yog Diwas Kavita

योग दिवस पर कविता

आप पढ़ रहे हैं ( Yog Diwas Par Kavita ) योग दिवस पर कविता :- योग दिवस पर कविता नियमित करो योग। बने रहोगे निरोग। योग देता है शक्ति। करो ईश्वर की भक्ति। मिलेगी जीवन से मुक्ति। योग ही है इसकी युक्ति। योग से आती है उर्जा। योगी के नही होता कर्जा। सूर्योदय से पूर्व …

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ज्ञान की कविता :- भ्रम की पोटली | Gyan Ki Kavita

ज़िन्दगी की चाहत कविता

आप पढ़ रहे रहे हैं ( Gyan Ki Kavita ) ज्ञान की कविता :- ज्ञान की कविता कब तक चलते रहोगे। लेकर भ्रम की पोटली को हाथ में। मेरे बाद में कैसे, क्या होगा, मेरे परिवार के साथ में। यहां कोई किसी का नही, यहां पालते है सब भ्रम को। तुझे इस लिलिप्सा को छोड़कर, …

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कविता मेरा देश मेरा मान | Mera Desh Mera Maan Kavita

मेरा देश मेरा मान

आप पढ़ रहे हैं ( Mera Desh Mera Maan Kavita ) कविता मेरा देश मेरा मान :- कविता मेरा देश मेरा मान धरती अम्बर सूरज नभ पर गाते जिसका गान, अलग अलग जहाँ बोली भाषा करते सबका सम्मान मेरा देश मेरा मान,,, खूब खेली खून की होली लाल रक्त बहाये है गुलामी की जंजीरें तोड़ी …

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पिता पर कविता – श्रद्धेय पिता जी | Pita Par Kavita

आप पढ़ रहे हैं ( Pita Par Kavita ) पिता पर कविता :- पिता पर कविता पूज्य पिता जी की,कोमल छांव को किन शब्दों में उल्लेख करूँ । निर्णय लिया आज जीवन की पुस्तक के उन,पन्नों को पढ़ लूं । प्रतीत ऐसा हो रहा, मैं अतीत आज, वर्तमान बना लूं । वो संकल्पित मार्गदर्शक थे, …

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जुदाई पर कविता | Judai Par Kavita

जुदाई पर कविता

आप पढ़ रहे हैं ( Judai Par Kavita ) जुदाई पर कविता :- जुदाई पर कविता जिन्दा हूँ पर बेजान हो गया हूँ बिना तेरे वीरान हो गया हुँ, घर की रौनक खो गई है कहीं जैसे सूना मकान हो गया हूँ ।। मौसम है ये इश्क़ मे जुदाई का तुझ बिन सूखा मैदान हो …

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