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हरीश चमोली

मेरा नाम हरीश चमोली है और मैं उत्तराखंड के टेहरी गढ़वाल जिले का रहें वाला एक छोटा सा कवि ह्रदयी व्यक्ति हूँ। बचपन से ही मुझे लिखने का शौक है और मैं अपनी सकारात्मक सोच से देश, समाज और हिंदी के लिए कुछ करना चाहता हूँ। जीवन के किसी पड़ाव पर कभी किसी मंच पर बोलने का मौका मिले तो ये मेरे लिए सौभाग्य की बात होगी।

गणतंत्र दिवस पर कविता | Gantantra Diwas Par Kavita

हिंदी कविता रक्त उबलते देख रहा हूँ

आप पढ़ रहे हैं गणतंत्र दिवस पर कविता :- गणतंत्र दिवस पर कविता कितनी पीड़ा सही उन्होंने, तिरंगे की शान बचाने को। खदेड़ फिरंगियों को भारत से, अपनी आजादी पाने को। कुछ ने सीने पर गोली झेली, तो कुछ फंदों पर झूल गए। लाशों के अनगिन ढेर जले थे, यहाँ संविधान बनाने को। बाईबिल,गीता,कुरान ने …

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घर के बंटवारे पर कविता :- बँटवारे का माहौल

हिंदी कविता दहलीज

आप पढ़ रहे हैं घर के बंटवारे पर कविता :- घर के बंटवारे पर कविता तन्हाईयों का शोर फिर से, गूँजने लगा है शहर में। जाने क्या से क्या हुआ ये, सोच रहे हैं डर ही डर में। कुछ रिश्तेदारों के सम्मुख, बैठ गए सब आँगन में, बँटवारे का माहौल जब से, तैयार हुआ मेरे …

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हिंदी कविता शापित | Hindi Kavita Shapit

कविता सोच रही हूँ मैं

आप पढ़ रहे हैं ( Hindi Kavita Shaapit ) हिंदी कविता शापित :- हिंदी कविता शापित कुछ पदचिन्ह छोड़ चले हम, जिंदगी की राहों में, ढूंढोगे घर हमारा एक दिन,पता लेकर के बाहों में। रोओगे तो तुम भी एक दिन,जब देखोगे दर्पण में। यह हाथ छोड़कर गए थे कैसे, गैरों की पनाहों में। डूब न …

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कलम पर कविता :- कलम की ही जय कहूँगा

हिंदी कविता मैं लिखता रहूंगा

क्रांति सिर्फ बंदूकों से ही नहीं आती, कलम से भी आती है। बन्दूक से तो किसी को डराया, धमकाया या मारा जा सकता है लेकिन बदला नहीं जा सकता। वहीं कलम से सरे देश की विचारधारा को बदला जा सकता है। कलम की जंग बंदूकों की जंग से भी बड़ी होती है। कलम की इसी …

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हिंदी कविता कई सपने | Hindi Kavita Kayi Sapne

हिंदी कविता गुमराह

हिंदी कविता कई सपने तन्हा बैठकरके खुद से,कई सवाल कर रखे हैं। हाँ मैंने भी दिल में,कई सपने पाल कर रखे हैं। जिंदगी की राहों पर, कई ख़याल कर रखे हैं। कुछ चंद मुट्ठीभर पैसे भी, संभाल कर रखे हैं। खून-पसीना बहाकर,दर्द-ए-गम को भुलाकर, कुछ काम जिंदगी में मैंने,बेमिसाल कर रखे हैं। कुछ ख्वाहिशें,तमन्नाएँ ,भी …

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राम मंदिर जीत पर कविता :- मिल गयी है जीत उनको

भगवान राम पर दोहे

आप पढ़ रहे हैं ( Ram Mandir Jeet Par Kavita ) राम मंदिर जीत पर कविता “मिल गयी है जीत उनको” :- राम मंदिर जीत पर कविता मिल गयी है जीत उनको, जो चले थे सत्य पथ पर। मुख मलिन उनका हुवा जो, थे चढ़े अन्याय रथ पर। रो रही थी जो अयोध्या, रघुवंश के …

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नारी सशक्तिकरण पर कविता :- सुनो नारीयों, वक़्त आ गया

हिंदी कविता बड़ा अभिमान था

हमारे समाज में सदियों से नारी पर अत्याचार होते आये हैं। आज बदलाव का समय है। समय है की नारियां अपनी ताकत स्वयं बने और अन्याय के विरुद्ध अपनी शक्ति दिखाएँ। ऐसे ही विषय को प्रस्तुत कर रही है यह ( Nari Sashaktikaran Par Kavita ) नारी सशक्तिकरण पर कविता :- नारी सशक्तिकरण पर कविता …

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इश्क पर हिंदी कविता :- ये बेदाग इश्क मेरा

हिंदी कविता विरह वेदना

इश्क सुकून है तो दर्द भी है। इश्क के भी दो रूप हैं। एक रूप तब दिखता है जब हम किसी की ख्वाहिश करते हैं। दूसरा इश्क वो है जिसमें हम तड़पते हैं। जिसमें कोई बिछड़ जाता है। कैसे आइये पढ़ते हैं इश्क पर हिंदी कविता में :- इश्क पर हिंदी कविता न जाने कौन …

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इश्क पर कविता :- इश्क़ में धड़कनें फिर मचलने लगी

हिंदी कविता विरह वेदना

इश्क का अहसास बहुत ही प्यारा होता है। जब ये किसी को हो जाता है ना तो वो अपनी सुध-बुध खो बैठता है। और क्या-क्या होता है उसके साथ आइये पढ़ते हैं इश्क पर कविता में :- इश्क पर कविता इश्क़ में धड़कनें, फिर मचलने लगी। इश्क़ का कुछ असर, यूँ हुआ ख्वाबों में। खोलता …

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नारी अस्मिता पर कविता :- क्यूँ बना नारी जीवन

हिंदी कविता बड़ा अभिमान था

बिना नारी समाज की कल्पना भी नहीं की जा सकती। नारी ही है जिसके कारन सारा संसार गतिमान है। नारी माँ बन कर पालती है। बहन बन कर राखी बांधती है। रानी लक्ष्मीबाई बन कर अपने हक़ के लिए लड़ती है। मदर टेरेसा बन कर सब की सहायता करती है। फिर भी हमारे समाज में …

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हिंदी कविता चाँद से फरियाद | Hindi Kavita Chand Se Fariyaad

हिंदी कविता चन्दा मामा

चाँद से एक प्यारी सी बातचीत पर हिंदी कविता चाँद से फरियाद :- हिंदी कविता चाँद से फरियाद ऐ चाँद इतना भी न अब तू इतरा। ऐसा तो नहीं,तुझ पर कोई नहीं उतरा। चल जिद छोड़,और आने दे अब हमें ताकि पहना सकें तुझे,तिरंगे का सेहरा। क्या चाहता है हमसे,जरा हमें भी तो बता। मान …

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तेरी याद में कविता | Teri Yaad Me Kavita

हिंदी कविता विरह वेदना

तेरी याद में कविता तेरी याद में साँसें दबी दबी सी अरमाँ कुछ कम हैं। दिल के दर्द में आज धड़कन गुमशुम हैं। रोती रही जमीं मगर न बरसा आसमाँ। तेरी याद में हमदम मेरी आंखें नम है। मुझको गयी तू छोड़कर जबसे ऐ जानेजां। तेरे प्यार में अब तो मैं फिरता यहाँ-वहाँ। रहा नहीं …

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