Tag: हरीश चमोली

गणतंत्र दिवस पर कविता | Gantantra Diwas Par Kavita

+2 आप पढ़ रहे हैं गणतंत्र दिवस पर कविता :- गणतंत्र दिवस पर कविता कितनी पीड़ा सही उन्होंने, तिरंगे की शान बचाने को। खदेड़ फिरंगियों को भारत से, अपनी …

घर के बंटवारे पर कविता :- बँटवारे का माहौल

+4 आप पढ़ रहे हैं घर के बंटवारे पर कविता :- घर के बंटवारे पर कविता तन्हाईयों का शोर फिर से, गूँजने लगा है शहर में। जाने क्या से …

हिंदी कविता शापित | Hindi Kavita Shapit

+3 आप पढ़ रहे हैं ( Hindi Kavita Shaapit ) हिंदी कविता शापित :- हिंदी कविता शापित कुछ पदचिन्ह छोड़ चले हम, जिंदगी की राहों में, ढूंढोगे घर हमारा …

कलम पर कविता :- कलम की ही जय कहूँगा

+2 क्रांति सिर्फ बंदूकों से ही नहीं आती, कलम से भी आती है। बन्दूक से तो किसी को डराया, धमकाया या मारा जा सकता है लेकिन बदला नहीं जा …

हिंदी कविता कई सपने | Hindi Kavita Kayi Sapne

+2 हिंदी कविता कई सपने तन्हा बैठकरके खुद से,कई सवाल कर रखे हैं। हाँ मैंने भी दिल में,कई सपने पाल कर रखे हैं। जिंदगी की राहों पर, कई ख़याल …

नारी सशक्तिकरण पर कविता :- सुनो नारीयों, वक़्त आ गया

+4 हमारे समाज में सदियों से नारी पर अत्याचार होते आये हैं। आज बदलाव का समय है। समय है की नारियां अपनी ताकत स्वयं बने और अन्याय के विरुद्ध …

इश्क पर हिंदी कविता :- ये बेदाग इश्क मेरा

+3 इश्क सुकून है तो दर्द भी है। इश्क के भी दो रूप हैं। एक रूप तब दिखता है जब हम किसी की ख्वाहिश करते हैं। दूसरा इश्क वो …

इश्क पर कविता :- इश्क़ में धड़कनें फिर मचलने लगी

+5 इश्क का अहसास बहुत ही प्यारा होता है। जब ये किसी को हो जाता है ना तो वो अपनी सुध-बुध खो बैठता है। और क्या-क्या होता है उसके …

नारी अस्मिता पर कविता :- क्यूँ बना नारी जीवन

+5 बिना नारी समाज की कल्पना भी नहीं की जा सकती। नारी ही है जिसके कारन सारा संसार गतिमान है। नारी माँ बन कर पालती है। बहन बन कर …