Tag: सूरज कुरैचया

मोटिवेशनल कविता :- कब तक नींद में | Motivational Kavita

1+ सपने देखना अच्छी बात है लेकिन उन्हें पूरा जाग कर ही किया जा सकता है। जब सपने रातों को जगाने लगते हैं तो उन्हें पूरा करना हमारा फर्ज …

पर्यावरण पर कविता इन हिंदी :- मूक पेड़ बोल नहीं सकते हैं

0 पर्यावरण पर कविता इन हिंदी मूक पेड़ बोल नहीं सकते हैं परन्तु दर्द उनका महसूस करो। तुम एक नन्हा सा वृक्ष लगाकर जीवन में खुशी की किरण भरो।। …

कविता पर्यावरण पर :- कहीं खो गया | Kavita Paryavaran Par

1+ कविता पर्यावरण पर वसुधा का वह सुनहरा दृश्य न जाने कहां लुप्त हो गया। प्रकृति का मोहक सा नजारा वृक्ष काटने से कहीं खो गया।। सूखे हुए पेड़ों …

ऋतुओं पर कविता :- नियम समय का है बदलाव | Rituon Par Hindi Kavita

1+ ऋतुओं पर कविता जीवन का हर एक क्षण नहीं होता है एक समान। कभी होता है हरा भरा कभी होता है रेगिस्तान।। प्रकृति भी अपने मौसम समय के …

पढ़ाई पर बाल कविता :- मुझको कागज कलम भायी | Padhai Par Bal Kavita

2+ पढ़ाई पर बाल कविता देखो मां घर के बाहर आया है कोई खिलौने वाला। पास है उसके तीर धनुष और रंगीन मोतियों की माला।। डमरू डम डम बजने …

कोरोना पर हिंदी में कविता :- प्रकृति में मचाया है हाहाकार | Hindi Me Kavita Corona Par

1+ कोरोना पर हिंदी में कविता कोरोना ने मानव जीवन और प्रकृति में मचाया है हाहाकार। समय की मांग के कारण सबने घर में रहना किया है स्वीकार।। हंसता …