समय का महत्व कविता – है पास तुम्हारे शेष समय

आप पढ़ रहे हैं ( Samay Ka Mahatva Kavita ) समय का महत्व कविता :-

समय का महत्व कविता

समय का महत्व कविता

उड़ती तितली कह कर गई
है पास तुम्हारे शेष समय।
जीवन को खुश होकर जी
रिक्त कर तू हृदय से भय।।

व्यतीत पल ना फिर आएंगे
भविष्य में फिर होगा अफसोस।
पुनःसपने तेरे ना तुझे पुकारेंगे
सदैव ना रहेगा यह प्रबल जोश।।

जीवन में लक्ष्य रखो आज को
बेहतर से बेहतर बनाने का।
कल को नहीं किसी ने देखा
हर दिन दिवाली मनाने का।।

जीवन में कुछ ऐसा करके जा
प्रेरित हो तुमसे आने वाली पीढ़ी।
तुम्हारे जीवन से शिक्षा लेकर
चढ़े युवा सभी सफलता की सीढ़ी

सूर्यास्त हुआ प्रफुल्लित तितली
मरते मरते यह कह कर गई।
हमारे भीतर है स्वर्ग समाया
बाहर जगत में नहीं है कहीं।।

पढ़िए :- हिंदी कविता बदलना अपना दृष्टिकोण


नमस्कार प्रिय मित्रों,

सूरज कुमार

मेरा नाम सूरज कुरैचया है और मैं उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के सिंहपुरा गांव का रहने वाला एक छोटा सा कवि हूँ। बचपन से ही मुझे कविताएं लिखने का शौक है तथा मैं अपनी सकारात्मक सोच के माध्यम से अपने देश और समाज और हिंदी के लिए कुछ करना चाहता हूँ। जिससे समाज में मेरी कविताओं के माध्यम से मेरे शब्दों के माध्यम से बदलाव आए।

क्योंकि मेरा मानना है आज तक दुनिया में जितने भी बदलाव आए हैं वह अच्छी सोच तथा विचारों के माध्यम से ही आए हैं अगर हमें कुछ बदलना है तो हमें अपने विचारों को अपने शब्दों को जरूर बदलना होगा तभी हम दुनिया में हो सब कुछ बदल सकते हैं जो बदलना चाहते हैं।

“ समय का महत्व कविता ” ( Samay Ka Mahatva Kavita ) के बारे में कृपया अपने विचार कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें। जिससे रचनाकार का हौसला और सम्मान बढ़ाया जा सके और हमें उनकी और रचनाएँ पढ़ने का मौका मिले।

यदि आप भी रखते हैं लिखने का हुनर और चाहते हैं कि आपकी रचनाएँ हमारे ब्लॉग के जरिये लोगों तक पहुंचे तो लिख भेजिए अपनी रचनाएँ hindipyala@gmail.com पर या फिर हमारे व्हाट्सएप्प नंबर 9115672434 पर।

हम करेंगे आपकी प्रतिभाओं का सम्मान और देंगे आपको एक नया मंच।

धन्यवाद।

Share on whatsapp
WhatsApp
Share on telegram
Telegram
Share on facebook
Facebook
Share on twitter
Twitter
Share on email
Email

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *