रामबृक्ष कुमार

यह कविताएं हमें भेजी है रामबृक्ष कुमार जी ने अम्बेडकर नगर से।

कविता ये मेरा हक है | Ye Mera Haq Hai Hindi Poem

कविता ये मेरा हक है

Ye Mera Haq Hai Hindi Poem | आप पढ़ रहे हैं कविता ये मेरा हक है :- कविता ये मेरा हक है बड़े प्यार से, मां के गोद में, बैठे बैठे पूछागीले बिस्तर पर क्यों सोती? मुझे सुलाती सूखातीखा तीखा लात मरता तुझको लगता मीठाखाना खाती मेरे खातिर, सो न जाऊं भूखासिर सहलाती माता बोली, इसमें क्या शक है?ये …

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Guru Mahima Par Kavita | Best Poem On Teacher

Guru Mahima Par Kavita

Guru Mahima Par Kavita आप पढ़ रहे हैं गुरु महिमा पर कविता :- Guru Mahima Par Kavitaगुरु महिमा पर कविता आंख मूंद झांकू अन्तर्मन,पाऊं पावन पग अवलंबन,परम पूज्य ईष्ट गुरु जनकर जोड़ करू अभिनंदन। चित चरित्र चेतना सृजनकर्ताभाषा भाव भावना प्रवर्तामात-पिता तो जीवन दाता,गुरू देव आप भाग्य विधाता। जाति धर्म सब एक न माना,गैरों को अपनो सा जाना,गुरु  गरिमा …

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कविता नीम की छांव | Neem Ki Chhanv Poem In Hindi

कविता नीम की छांव

आप पढ़ रहे हैं कविता नीम की छांव :- कविता नीम की छांव गिल्ली डंडा बाघा बीताछुक छुक इंजन वाला खेल,दिन भर आना जाना रहतासबसे होता रहता मेल। सुख-दु:ख की सब बात समझते,अपनापन के फूल थे झड़ते ,तैरते प्यार की नाव मेंपुराने नीम की छांव में। बिखर गये सम्बन्ध सबपतझड़ सा बहार में,ऐसा छाया काला जादूजहर घुल गया …

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Badal Par Kavita | Best Poem On Clouds In Hindi | बादल पर कविता

Badal Par Kavita

Badal Par Kavita आप पढ़ रहे हैं बादल पर कविता :- Badal Par Kavitaबादल पर कविता खींच खींच ले मन को जातेमीत मनोहर वे बन जाते ,उमड़- घुमड़ कर आगे पीछेउड़ते बादल कहां को जाते? कुछ नाचते खुशी मनातेकुछ के आंसू झर झर जाते ,सुख दु:ख का यह संगम कैसा ?नई नवेली दुल्हन जैसा ,आंखों से जो जल बरसातेउड़ते बादल कहां को जाते? उनके …

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मुस्कान पर कविता | Poem On Smile In Hindi | Muskan Par Kavita

मुस्कान पर कविता

Poem On Smile In Hindi आप पढ़ रहे हैं मुस्कान पर कविता :- Poem On Smile In Hindi मुस्कान पर कविता मानव मुस्कान भरो मन में जीवन नीरस न बनने दो,किसलय कुसुम सा खिलने दो,भार बनो न धरती का,जज्बा रखो कुछ करने का,भौंरे गुनगुनाने दो कानन मेंमानव मुस्कान भरो मन में। उगता सूरज हो या ढलता,वह लिये लालिमा खुश …

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Samay Par Hindi Kavita | समय पर कविता | Best Poem On Time

Samay Par Hindi Kavita

आप पढ़ रहे हैं ( Samay Par Hindi Kavita ) समय पर कविता :- Samay Par Hindi Kavitaसमय पर कविता कल से कल तक ले आज खड़ा हूंहर युग हर पल कण-कण में पड़ा हूंराग रागिनी निडर निर्भय हूंघात अघात घातक प्रलय हूं,क्योंकि मैं समय हूं। है कौन रहा ऐसा जग में,जिस संग सदा मैं रहा नहीं हूंपग पग …

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नन्हा पौधा कविता | Nanha Paudha Kavita | Beautiful Poem On Plant

नन्हा पौधा कविता

आप पढ़ रहे हैं ( Nanha Paudha Kavita ) नन्हा पौधा कविता :- Nanha Paudha Kavitaनन्हा पौधा कविता बोया था मिट्टी में बीजयह सोचकर, पेड़ बनेगा ।छाया देगा जीव जंतु को ,फल भी सारा ढेर लगेगा ।। रोज देखता कब निकलेगा ,नन्ना मुन्ना अंग सलोना ।हाथ पाव सा पत्ता कोमलमेरा हीरा मोती सोना ।। अंकुर फूटा, पड़ा दिखाई ,होनहार …

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मन पर कविता :- मन की चाह | Man Ke Upar Kavita Hindi Mein

Badal Par Kavita

आप पढ़ रहे हैं ( Man ke upar kavita hindi mein ) मन पर कविता :- मन पर कविता मन क्यों चंचल इच्छा अनंत,खोजे किसको हर क्षण हर पल।संतोष नहीं ना शांत कहीं,किसको पाने का रहता विकल।। यह रंग रंगीली है दुनिया,होता रहता नित नया यहांहै सार जगत का प्रेम-प्रसंग।मन क्यों चंचल इच्छा अनंत ।। सुख क्षणिक हुआ, जब …

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हिंदी कविता बढ़ते कदम | Hindi Kavita Badhte Kadam

Motivational Kavita

आप पढ़ रहे हैं ( Hindi Kavita Badhte Kadam ) हिंदी कविता बढ़ते कदम :- Hindi Kavita Badhte Kadamहिंदी कविता बढ़ते कदम तान ले यदि तीर अपना मंजिल की ओरसोचकर उम्मीदों पर खरे उतर रहे हम ,दुनिया तुम्हारा नाम क्यों याद रखेगी ?बस छोड़ दे तीर यह समझकर ,है केवल सोच और कर्मों में दम। प्रकृति के हो खिलौने …

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हिंदी कविता परछाईयाँ | Hindi Kavita Parchhaiyan

हिंदी कविता परछाईयाँ

आप पढ़ रहे हैं ( Hindi Kavita Parchhaiyan ) हिंदी कविता परछाईयाँ :- Hindi Kavita Parchhaiyanहिंदी कविता परछाईयाँ न शौक, न श्रृंगार ,न इच्छा न चाह हो,न दु:ख हो न दर्द हो,कठिन भले ही राह हो,तेरे बिना रहना कैसा?भाये भला तनहाइयां?बनकर सदा चलता रहूं ,अमिट तेरी परछाइयां। कहता कौन? होता जुदा ,छाये में छोड़ता साथ …

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कविता जीने का सहारा हूं मैं | Kavita Jeene Ka Sahara Hun

कविता ये मेरा हक है

आप पढ़ रहे हैं ( Kavita Jeene Ka Sahara ) कविता जीने का सहारा हूं मैं :- कविता जीने का सहारा हूं मैं न महलों बीच उजाला हूं मैंन ज्वालामुखी का ज्वाला हूं मैं न आसमान का तारा हूं मैंन मेघ बीच चंचल चपला,न अग्नि बीच अंगारा हूं मैं मन उदास जीवन निराशहर दिन जिनका होता उपहासबच्चे जिनके नंगें …

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कविता दु:ख की बदली | Kavita Dukh Ki Badli

कविता दु:ख की बदली

आप पढ़ रहे हैं ( Kavita Dukh Ki Badli ) कविता दु:ख की बदली :- कविता दु:ख की बदली रात भयानक थी कालीन निशाकर की कर की जालीसांय सांय सन्नाटा की ध्वनिफैली तरु की डाली डाली निशीथ सघन काले धन कीमन पर छाई दु:ख की बदलीव्याकुल तन विकृत मनसोंचा खुशियों का अब हुआ अंत क्या जीवन यह अंतिम पहलीमन …

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