Tag: जितेंद्र कुमार यादव

देवी स्तुति कविता | Devi Stuti Kavita

+4 आप पढ़ रहे हैं देवी स्तुति कविता :- देवी स्तुति कविता शुभ्र शुचिता शुभम, श्वेत पदमासनम, सर्वगुणसम्पदम, त्वम विनय वारिधि ।। शारदे पूण्यतम, पथ पुनितम परम, मंगलम स्नेह, …

हरि सिंह नलवा पर कविता | Poem On Hari Singh Nalwa

+3 हरि सिंह नलवा पर कविता – महाराजा रणजीत सिंह के शासन काल मे मुहम्मद शाह नाम के अफगानी लुटेरे ने भारत पर चढ़ाई की, और उसका प्रतिरोध करने …

रोटी पर कविता :- खानी है रोटी | Roti Par Kavita

+1 इन्सान मेहनत करता है कि उसे सुकून से दो वक़्त की रोटी मिल सके। रोटी के कारण ही सारी दुनिया कुछ न कुछ काम करती है। लेकिन क्या …

बदलाव के लिए प्रेरित करती कविता :- आगे बढ़कर लड़ना होगा

+5 बदलाव के लिए प्रेरित करती कविता ” आगे बढ़कर लड़ना होगा ” :- बदलाव के लिए प्रेरित करती कविता चुनौतियों को छिन्न भिन्न कर, उर्ध्व शिखर पर चढ़ना …

भीष्म पितामह की कविता :- कहो धर्म से युद्ध लड़ूं

+5 भीष्म पितामह की कविता :- महाभारत आरंभ होने से पहले भीष्म पितामह वर्तमान भूत और भविष्य के दृश्य का आकलन करते हुए गहन विचार मंथन कर रहे हैं …

उत्साहवर्धक कविता :- पथिकों का पथ करूँ प्रकाशित

+3 अपने जीवन को दूसरों की सेवा के प्रति समर्पित करना ही एक इन्सान का धर्म होना चाहिए। प्रस्तुत है इसी के लिए उत्साहित करती उत्साहवर्धक कविता ” पथिकों …

संस्था पर कविता :- आओ इस संस्था को आगे बढ़ाएं

+4 कभी कभी हम जिस भी संस्था के लिए काम करते हैं। तो ऐसा भी समय आता है जब संस्था से जुड़े लोगों को प्रेरणा की जरूरत पड़ती है …

शिक्षक दिवस के लिए कविता :- शिक्षक दिवस की मंगल कामना

+6 हमारे सफल जीवन में एक शिक्षक का बहुत बड़ा किरदार होता है जो हमें सही ढंग से जीवन जीने के शिक्षा देता है। जो हमारी गलतियों को सुधार …

राष्ट्र भक्ति कविता :- भारती के मान का गुमान

+5 भारत माता के प्रति अपने प्रेम और भक्ति को दर्शाती हुयी राष्ट्र भक्ति कविता ” भारती के मान का गुमान ” :- राष्ट्र भक्ति कविता भारती के मान …

हिन्दी वीर रस की कविता :- भारत को भगवान लिखूंगा

+6 अपने देश के प्रति असीम प्यार और जोश से भर देने वाली हिन्दी वीर रस की कविता ” भारत को भगवान लिखूंगा ” हिन्दी वीर रस की कविता …