Tag: जितेंद्र कुमार यादव

रोटी पर कविता :- खानी है रोटी | Roti Par Kavita

1+ इन्सान मेहनत करता है कि उसे सुकून से दो वक़्त की रोटी मिल सके। रोटी के कारण ही सारी दुनिया कुछ न कुछ काम करती है। लेकिन क्या …

बदलाव के लिए प्रेरित करती कविता :- आगे बढ़कर लड़ना होगा

5+ बदलाव के लिए प्रेरित करती कविता ” आगे बढ़कर लड़ना होगा ” :- बदलाव के लिए प्रेरित करती कविता चुनौतियों को छिन्न भिन्न कर, उर्ध्व शिखर पर चढ़ना …

भीष्म पितामह की कविता :- कहो धर्म से युद्ध लड़ूं

5+ भीष्म पितामह की कविता :- महाभारत आरंभ होने से पहले भीष्म पितामह वर्तमान भूत और भविष्य के दृश्य का आकलन करते हुए गहन विचार मंथन कर रहे हैं …

उत्साहवर्धक कविता :- पथिकों का पथ करूँ प्रकाशित

3+ अपने जीवन को दूसरों की सेवा के प्रति समर्पित करना ही एक इन्सान का धर्म होना चाहिए। प्रस्तुत है इसी के लिए उत्साहित करती उत्साहवर्धक कविता ” पथिकों …

संस्था पर कविता :- आओ इस संस्था को आगे बढ़ाएं

4+ कभी कभी हम जिस भी  संस्था के लिए काम करते हैं। तो ऐसा भी समय आता है जब संस्था से जुड़े लोगों को प्रेरणा की जरूरत पड़ती है …

शिक्षक दिवस के लिए कविता :- शिक्षक दिवस की मंगल कामना

6+ हमारे सफल जीवन में एक शिक्षक का बहुत बड़ा किरदार होता है जो हमें सही ढंग से जीवन जीने के शिक्षा देता है। जो हमारी गलतियों को सुधार …