सरस्वती वंदना कविता – हे मां सरस्वती
आप पढ़ रहे हैं सरस्वती वंदना कविता "हे माँ सरस्वती" सरस्वती वंदना कविता हे मां सरस्वती.... हमें विचार का अभिदान दो मां स्वाभिमान का मान लो योग्य पुत्र बन सके मां चित्त में शुचिता भरो, हे मां सरस्वती कर्म में सत्कर्म दो बुद्धि में सुमति दो वाणी में माधुर्य दो…

