खुशी पर कविता – ख़ुश रहने का राज कविता

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खुशी पर कविता

खुशी पर कविता

स्नेह प्यार से ही हम,
जीवन को जीते हैं।
तभी तो हर हाल में,
हम खुश रहते हैं।
देखा नही कभी भी,
किसी की ऊंचाइयों की तरफ।
स्वंय की योग्यता के अनुसार,`
अपना जीवन को जीते हैं।।

न ही करता हूँ किसी से,
भी कोई होड़ा होड़ी।
स्वंय को देखकर ही,
अपनी रचनायें लिखते हैं।
और मिलते है जो भी,
पाठको के कमेंट हमें,
उसमें खुश हम रहते हैं।।

सादा जीवन बड़ी ही,
मस्ती के साथ जीते हैं।
और हर दम हर हाल में,
खुशी के साथ जीवन जीते हैं।
शायद लोग इसको हमारी,
खुशी का राज समझते हैं।।
और हमारी लेखनी पर ,
अच्छी प्रतिक्रियां लोग देते हैं।।


परिचय :-

मै संजय जैन बीना जिला सागर (मध्यप्रदेश) का रहने वाला हूँ/ वर्तमान में मुम्बई में कार्यरत हूँ / मैं करीब 26-27 वर्षो से बम्बई में एक पब्लिक लिमिटेड कंपनी में कमर्शियल मैनेजर के पद पर कार्यरत हूँ / मास्टर ऑफ़ कॉमर्स के साथ ही एक्सपोर्ट मैनेजमेंट की शैक्षणिक योग्यता हैं /
मुझे बचपन से ही लिखना पढ़ने का बहुत शौक था। इसी कारण से लेखन में सक्रिय हूँ। मेरी रचनाएं बहुत सारे अखबारों-पत्रिकाओं में प्रकाशित होती रहती हैं। मैं अपनी लेखनी का कमाल कई मंचों पर भी दिखाता रहता हूँ । इसी प्रतिभा के करण मुझे कई सामाजिक संस्थाओं द्वारा मुझे सम्मानित किया जा चुका है। मुम्बई के नवभारत टाईम्स में ब्लॉग भी लिखता हूँ और भी क्षेत्रीय पत्र पत्रिकाओं में भी मेरे गीत, कविताएं और लेख प्रकाशित होते रहते हैं । मुझे लेख,कविताएं और गीत आदि लिखने का बहुत शौक है, जिसके कारण में कई सामाजिक गतिविधियों और समाज सेवी संस्थाओं में भी हमेशा सक्रिय रहता हूँ।
हिंदी भाषा को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिले इसके लिए निरंतर प्रयास करता रहता हूँ।


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