बेटी की विदाई पर कविता :- उठी डोली चली ससुराल |
पढ़िए रामावतार जी की कविता , " बेटी की विदाई पर कविता " ( Beti Ki Vidai Kavita In Hindi ) जिसके माध्यम से एक पिता की भावनाओं को बताया गया है की जब उसके घर की लक्ष्मी यानि की उसकी बेटी की शादी होती है तो किस तरह के…

