हिंदी कविता उर के दीप | Hindi Kavita Ur Ke Deep
आप पढ़ रहे हैं हिंदी कविता उर के दीप :- हिंदी कविता उर के दीप कांटों को क्या कहना, हमें तो फूलों से डर लगता है, काँटे मजबूत बनाते हैं , फूल तो पल भर में सूख जाते हैं, भले ही वो शोभा बढ़ाते हैं, पर पल भर का ही…

