भाई पर हिंदी कविता :- जिसको हम सब कहते भाई | Hindi Poem On Brother

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भाई पर हिंदी कविता

भाई पर हिंदी कविता

एक अनोखा है संसार में
जिसको हम सब कहते भाई।
कठिन परिश्रम करके वह तो
अपने परिवार की करता भलाई।।

कभी घन घोर अंधेरी रातों में
तो कभी तीव्र सी बरसातों में।
अपनों का पेट पालने के लिए
बोझ वह उठाता है बारातों में।।

कभी मित्र बनकर के वह तो
बचपन वह बन जाता हैं।
कभी जीवन की शिक्षा देकर
शिक्षक वह बन जाता हैं।।

पिता बनकर प्रेरित करते वह
जीवन में नहीं कभी होना निराश।
समस्त सपने सच होंगे तेरे
अपनी क्षमताओं पे रखना विश्वास

जीवन जीना अपने हिसाब से
ज्ञान लेते रहना तुम किताब से।
मेहनत कर इतना काबिल बनना
भीड़ में भी तुम दिखो नवाब से।।

मेरा भाई मेरे जन्म दिन पर
भेंट करता अमूल्य क्षण उपहार।
प्रार्थना करता मै ईश्वर से
सदा प्रसन्न रहें सबका परिवार।।

वह हमेशा मुझे यह कहते हैं
समय का करना सदुपयोग।
ह्रदय से अपने तुम मिटा देना
लोग क्या कहेंगे यह रोग।।

पढ़िए :- भाई पर कविता “मेरे भाई तुम” | Bhai Par Kavita


नमस्कार प्रिय मित्रों,

सूरज कुमार

मेरा नाम सूरज कुरैचया है और मैं उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के सिंहपुरा गांव का रहने वाला एक छोटा सा कवि हूँ। बचपन से ही मुझे कविताएं लिखने का शौक है तथा मैं अपनी सकारात्मक सोच के माध्यम से अपने देश और समाज और हिंदी के लिए कुछ करना चाहता हूँ। जिससे समाज में मेरी कविताओं के माध्यम से मेरे शब्दों के माध्यम से बदलाव आए।

क्योंकि मेरा मानना है आज तक दुनिया में जितने भी बदलाव आए हैं वह अच्छी सोच तथा विचारों के माध्यम से ही आए हैं अगर हमें कुछ बदलना है तो हमें अपने विचारों को अपने शब्दों को जरूर बदलना होगा तभी हम दुनिया में हो सब कुछ बदल सकते हैं जो बदलना चाहते हैं।

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