प्यार का इजहार कविता | Pyar Ka Izhaar Kavita
आप पढ़ रहे हैं प्यार का इजहार कविता :- प्यार का इजहार कविता स्वतः प्यार की जैसे आहट मिली हो तुम्हे देखकर मुस्कुराहट मिली हो, हृदय में जली ज्योत ऐसे जतन की बड़ी खूबसूरत बनावट मिली हो। तनिक मान जाओ तो मैं भी मना लूं तेरे हुस्न पर शायरी गुनगुना…

