हिंदी कविता – हृदय का खालीपन | Hriday Ka Khalipan

आप पढ़ रहे हैं प्रवीण जी द्वारा रचित ( Hriday Ka Khalipan Hindi Kavita ) हिंदी कविता – हृदय का खालीपन

हिंदी कविता – हृदय का खालीपन

हिंदी कविता - हृदय का खालीपन

हृदय में खालीपन लिए
उसकी आहटों को खोजती हूँ।

मिले सुखद संदेश उनका
हो ख़बर -सुध कोई,
रहे कुशल-मंगल सदा वो
ये प्रार्थना मन में समोई,
उतरे कभी मन अंगना में
बाट उसकी जोहती हूँ।
हृदय में खालीपन लिए
उसकी आहटों को खोजती हूँ।

उनके मन मंदिर से कभी
ना इक पल ओझल हुई,
नैन भर आते अश्कों से
पोंछ-पोंछ बोझल हुई,
सुंदर पावन मुख मंडल से
मधुर मुस्कानें ओढ़ती हूँ।
हृदय में खालीपन लिए
उसकी आहटों को खोजती हूँ।

प्रणय ये जन्मों-जन्मों का
बाँधता मुझको रहा है,
चिर-मिलन की प्यास बो कर
साधता मुझको रहा है,
इस कथा का अंत क्या है
रात-दिन यह सोचती हूँ।
हृदय में खालीपन लिए
उसकी आहटों को खोजती हूँ।

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Praveen Kucheria

Praveen Kucheria

मेरा नाम प्रवीण हैं। मैं हैदराबाद में रहता हूँ। मुझे बचपन से ही लिखने का शौक है ,मैं अपनी माँ की याद में अक्सर कुछ ना कुछ लिखता रहता हूँ ,मैं चाहूंगा कि मेरी रचनाएं सभी पाठकों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनें।

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