Author: Praveen Kucheria

गृहिणी पर कविता :- आसान कहाँ था गृहिणी होना

0 घर को स्वर्ग बनाने वाली गृहिणी पर कविता :- गृहिणी पर कविता चलती कलम छोड़ झाडू घसीटना, दूध की मलाई खाना छोड़ मक्खन के लिये बचत करना, दुपट्टे …

माँ पर कुछ पंक्तियाँ :- एक तुम्हारा होना माँ

0 माँ जब होती है तो जीवन आनंदमयी होता है। वह खुद तकलीफें सह लेती है लेकिन अपने बच्चों को हमेशा खुश रखती है और घर को स्वर्ग बना …

स्वर्गीय माँ की याद पर कविता :- मैं टूटता बहुत हूँ माँ

+1 माँ के इस दुनिया से चले जाने के बाद अपने हृदय की भावना को शब्दों का रूप देती हुयी ” स्वर्गीय माँ की याद पर कविता ” स्वर्गीय …

शहीद सैनिकों को समर्पित कविता :- तिरंगा फहरायेंगे | Shaheed Sainik Ke Liye Kavita

0 सरहद पर जब हमारे जवान देश की रक्षा करते हुए शहीद होते हैं तो सिर्फ उनके ही परिवार को नहीं बल्कि पूरे देश को उसका दुःख होता है। …

कविता गीत पटल के गाऊंगा | Kavita Geet Patal Ke

0 हिंदी कविता गीत पटल के गाऊंगा नाम पटल के सारा जीवन इक दिन मैं कर जाऊंगा, जब तक साँस चलेगी मेरी गीत पटल के गाऊंगा। फीकी फीकी सी …

गीत कुँवारा लिख डाला : हिंदी गीत | Geet Kunwara Likh Dala

0 गीत कुँवारा लिख डाला क्या व्यथा कहूँ रीते घट की मरुथल पनघट भी पी डाला, मन ने कोरे कागज पर गीत कुँवारा लिख डाला। आओ पढ़ना तुम कान्हा …

पटल को समर्पित कविता :- पटल के मन को भाया | Patal Ko Samarpit Kavita

+1 पटल को समर्पित कविता पलता आया प्राण पिंजर में हर साँस ने मेरी गाया, एक से बढ़कर एक सुर-पाँखी पटल के मन को भाया। ढ़ली साँझ बन मुरली …

कविता दर्द दिया तकदीर ने :- आज के सच पर कविता | Kavita Dard Diya Takdeer Ne

0 हमारे समाज और देश में आज-कल होने वाली घटनाओं को कौन नहीं जानता? ये सब देख कर आम आदमी चाहे खामोश रहे लेकिन एक कवि कभी चुप नहीं …

हिंदी कविता मन की खुशियाँ | Hindi Kavita Man Ki Khushiyan

+1 आप पढ़ रहे हैं हिंदी कविता मन की खुशियाँ :- हिंदी कविता मन की खुशियाँ मन की खुशियाँ गम लिख डाले ज्यादा नहीं तो कम लिख डाले, रजनीगंधा …

हिंदी कविता – क्यों मरने लगे | Hindi Kavita Kyo Marne Lage

0 आप पढ़ रहे हैं ( Hindi Kavita Kyo Marne Lage ) हिंदी कविता – क्यों मरने लगे :- हिंदी कविता – क्यों मरने लगे व्यापार आँसुओं का करने …