शब्द पर कविता :- शब्दों का खेल है सारा | Shabd Par Kavita
अगर शब्द न होते तो कैसे कोई अपनी भावनाएं व्यक्त कर पाता। बात-चीत और आपसी मेल भाव के लिए शब्द ही एक कड़ी है जो सब को जोड़ कर रखते। शब्द किसी को भी अपना बना सकते हैं। शब्द ही मित्र बनाते हैं शब्द ही शत्रु। शब्द की इसी जादूगरी…

