वीर रस की कविता – हम शीश कटाने आएंगे | Veer Ras Kavita In Hindi

3+

आप पढ़ रहे हैं ( Veer Ras Ki Kavita In Hindi ) वीर रस की कविता “हम शीश कटाने आएंगे”

वीर रस की कविता

वीर रस की कविता

गीतों के गर्जन से अपने
संताप मिटाने आएगे,
मां जब-जब तुम अकुलाओगी
हम शीश कटाने आएंगे।

दैवीय शक्तियां हो विलुप्त
जब असुरों का तांडव होगा,
जब मर्यादाओं पर चलकर
घायल कोई पांडव होगा,
जब सुई नोक अधिकार नहीं
विधि शांति जतन कर के हारे,
दो रोटी को मोहताज फिरे
जब जंगल में मारे-मारे,
तब बन योगेश्वर गीता का
उपदेश सुनाने आएगे।
मां जब-जब तुम अकुलाओगी
हम शीश कटाने आएंगे।।

कोई भी पापी जब तेरे
आंचल को हाथ लगाएगा,
तेरे सतित्व को नष्ट करें
तेरा अस्तित्व मिटाएगा,
जब केश पकड़ कोई कायर
महलों में तुझे नचाएगा,
बुझ रही जवानी की भट्ठी
ये लाल तेरा सुलगाएगा,
हम भगत सिंह आजाद पुनः
बन इसी बहाने आएंगे।
मां जब-जब तुम अकुलाओगी
हम शीश कटाने आएंगे।।

जब जकड़ेगा तुम को कोई
फिर परवशता की बेडी में,
करना चाहेगा कैद डाल
जब लोह श्रृंखला एड़ी में,
जब कोई तेरे पुत्रों को
मां खुलेआम ललकारेगा,
तेरी आंखों के आगे निजि
पुत्री के वसन उतारेगा,
तब पौरुष ले भुजबल में
रण कौशल दिखलाने आएंगे।
मां जब-जब तुम अकुलाओगी
हम शीश कटाने आएंगे।।

है सही बवंडर खूब मचा
कब डरे मगर तूफानों से,
कब घुटने टेके बैरी के
कब विछत हुए हम बाणों से,
क्या डरे काल से आज बता
हम रोज खेलते जानो से,
स्वर फूक क्रांति को जगा रहा
मर घट में अपने गानों से,
पापों से धरा भर जाए तब
ब्रह्मांड हिलाने आएंगे।
मां जब-जब तुम अकुलाओगी
हम शीश कटाने आएंगे।।

जब कलह छिड़ी हो हर घर में
लड़ता भाई से भाई हो,
जब तेरे ही घर में तेरी
मां ना कोई सुनवाई हो,
जब दया धर्म मानवता के
‘मूल्य चबाए जाते हो’,
जनता भूखी विलखे कि देश
कुछ लोग ही खाए जाते हो,
तब देने उनको दंड सदा
भूचाल मचाने आएंगे।
मां जब-जब तुम अकुलाओगी
हम शीश कटाने आएंगे।।

वीर रस की कविता का विडियो देखने के लिए नीचे क्लिक करें :-


परिचय

नाम-आशुतोष शुक्ल’शीतल’
पिता-दिनेश कुमार शुक्ल
ग्राम-संसड़ा पो0-नेरी
जिला-सीतापुर उ0प्र0
विधा-गीत
रस-श्र्ंगार,ओज


“ वीर रस की कविता ” ( Veer Ras Kavita In Hindi ) के बारे में कृपया अपने विचार कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें। जिससे लेखक का हौसला और सम्मान बढ़ाया जा सके और हमें उनकी और रचनाएँ पढने का मौका मिले।

यदि आप भी रखते हैं लिखने का हुनर और चाहते हैं कि आपकी रचनाएँ हमारे ब्लॉग के जरिये लोगों तक पहुंचे तो लिख भेजिए अपनी रचनाएँ hindipyala@gmail.com पर या फिर हमारे व्हाट्सएप्प नंबर 9115672434 पर।

हम करेंगे आपकी प्रतिभाओं का सम्मान और देंगे आपको एक नया मंच।

धन्यवाद।

 

3+

Leave a Reply