हिंदी कविता सुन्दरता की देवी | Hindi Kavita Sundarta Ki Devi
आप पढ़ रहे हैं हिंदी कविता सुन्दरता की देवी :- हिंदी कविता सुन्दरता की देवी सुन्दरता की देवी हो तुम, तन सुन्दर है, मन सुन्दर है। बुरा ना मानो हे सुकुमारी, तो कह दूं यौवन सुन्दर है।। मुखमंडल पे निखार ऐसा, चक्षु चौंधियांते हैं मेरे, नैनों में मदहोशी ऐसी, जैसे…

