कविताएं साथ चलती हैं | Kavitayen Sath Chalti Hain
आप पढ़ रहे हैं कविता " कविताएं साथ चलती हैं " कविताएं साथ चलती हैं अकेले ... रहने नहीं देती , साथ चलती हैं। निशब्द संवेदनाओं की अभिव्यक्ति का.... संवाद बनती हैं। कलम में ताकत भर, स्मृतियों की आवाज बनती है। अंतर्मन के शोर को.. बाहर लाने के लिए एकांत…

