नाती पर कविता :- आज मेरा नाती | Naati Par Hindi Kavita
आप पढ़ रहे हैं ( Naati Par Hindi Kavita ) नाती पर कविता :- नाती पर कविता आज मेरा नाती बना लंगूर, डाल पे लटके जैसे अंगूर। इसकी अदा बड़ी है प्यारी, हृदय में फूल खिलाने वाली। होठ इसके गुलाब के फूल, है चेहरे से टपकता नूर। इसकी ठुमक ठुमक…

