नारी शक्ति कविता :- शक्ति स्वरूपा है | Kavita On Nari Shakti

आप पढ़ रहे हैं ( Hindi Kavita On Nari Shakti ) नारी शक्ति कविता "नारी शक्ति स्वरूपा है" नारी शक्ति कविता नारी शक्ति स्वरूपा है, नारी भक्ति रूपा है। नारी नादान अबला नहीं सुबला है, माँ दुर्गा, माँ भवानी, माँ कमला है। कभी दुर्गा, कभी भवानी, कभी रणचंडी कभी मर्दानी।…

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ग़ज़ल – इंसानियत से दूर है इंसान इन दिनों | Ghazal Insaniyat Se Door Hai

आप पढ़ रहे हैं आदरणीया कविता सिंह "वफ़ा" जी द्वारा रचित ( Ghazal Insaniyat Se Door Hai ) ग़ज़ल - इंसानियत से दूर है इंसान इन दिनों :- ग़ज़ल - इंसानियत से दूर होती नहीं है अपनों की पहचान इन दिनों! कैसे बचाई जाए भला जान इन दिनों !! इंसान…

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देश भक्ति होली गीत :- खेलें हम सब होली | Holi Geet

आप पढ़ रहे हैं आदरणीया कविता सिंह "वफ़ा" जी द्वारा रचित ( Desh Bhakti Holi Geet ) देश भक्ति होली गीत "कैसे खेलें हम सब होली " :- देश भक्ति होली गीत कैसे खेलें हम सब होली सीमा पर जब चलती गोली, खोए हैं अब राग रंग सब भूल गई है…

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ग़ज़ल – फ़सादी कहानी हैं | Ghazal Fasaadi Kahani Hai

आप पढ़ रहे हैं आदरणीया कविता सिंह "वफ़ा" जी द्वारा रचित ( Ghazal Fasaadi Kahani Hai Akhbaar Me ) ग़ज़ल - फ़सादी कहानी हैं अख़बार में :- ग़ज़ल - फ़सादी कहानी हैं फ़सादी कहानी हैं अख़बार में ! यही बिक रहा आज बाज़ार में !! ज़मीं ता फ़लक़ शाम गहरा…

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ग़ज़ल – सलामत रहे आशियाना तुम्हारा | Ashiyana Tumhara

आदरणीया अंशु विनोद गुप्ता जी की ग़ज़ल - सलामत रहे आशियाना तुम्हारा :- ग़ज़ल - सलामत रहे आशियाना तुम्हारा इशारे से छत पर बुलाना तुम्हारा। मुझे देखकर लौट जाना तुम्हारा। मुहब्बत अगर है तो इज़हार कर दो चलेगा न कोई बहाना तुम्हारा शबे-ग़म का मातम न लब पे शिकायत मिज़ाजे-मुहब्बत…

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ग़ज़ल – सरकार देख लो | अंशु विनोद गुप्ता जी की बेहतरीन ग़ज़ल

आदरणीया अंशु विनोद गुप्ता जी की ग़ज़ल – सरकार देख लो :- ग़ज़ल – सरकार देख लो होठों पे चुप लगाए है सरकार देख लो। चारों तरफ़ है आग की भरमार देख लो। कुछ लोग छोड़ आए हैं फूलों की घाटियाँ, केसर के बाग़ अब भी हैं गुलज़ार देख लो।…

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हिंदी भाषा के महत्व पर कविता :- हिंदी को ही भूल गया है | Hindi Bhasha Ka Mahatva Par Kavita

आप पढ़ रहे हैं विनय कुमार जी द्वारा रचित ( Hindi Bhasha Ka Mahatva Par Kavita ) हिंदी भाषा के महत्व पर कविता :- हिंदी भाषा के महत्व पर कविता उर्दू से परहेज नहीं, अंग्रेजी लगता प्यारा । हिंदी को ही भूल गया है, हिंदुस्तान हमारा । बोलो सा रा…

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बसंत ऋतु पर कविता :- देखो आ गयी बसंत | Basant Ritu Kavita In Hindi

आप पढ़ रहे हैं रेणु शर्मा जी द्वारा रचित बसंत ऋतु पर कविता ( Basant Ritu Kavita In Hindi ) "देखो आ गयी बसंत" बसंत ऋतु पर कविता दुख का होता अंत ,, देखो आ गयी बसंत ।। खिल रहे है फूल बागान ,, करती नदिया कलकल।। चहुँओर किलकारियाँ ,…

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पति पत्नी पर हास्य कविता :- कभी बेलन चलाती है | Pati Patni Funny Poem

पति पत्नी पर हास्य कविता ( Pati Patni Hasya Kavita ) आधारित है ऐसे पति-पत्नी पर जिसमें पति पत्नी से परेशान है। जो लोग शादी के सपने देखते रहते हैं उनके लिए एक उपदेश जैसी है यह शादी पर हास्य कविता । कैसे? आइये पढ़ते हैं इस पति पत्नी पर…

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हिंदी कविता : भोग | यह भोग क्या | Hindi Kavita Bhog

आप पढ़ रहे हैं पंकज कुमार द्वारा रचित हिंदी कविता : भोग :- हिंदी कविता : भोग यह भोग क्या है सोच क्या? संयोग नास्तिक है रोग क्या? जीवंत शाखा टूटती सममूल ही तोड़ती, अधर्म नाता है हुआ कालिख मुंह में पोतती। सत्य का निष्पक्ष पुजारी कैसे दुर्बल हुआ, अहिंसा…

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हिंदी कविता – कंपन्न | कम्पन्न बन के श्वास से

आप पढ़ रहे हैं हिंदी कविता - कंपन्न हिंदी कविता - कंपन्न कम्पन्न बन के श्वास से चीखें सुनायी काल, है रात्रि का विष वेला यहाँ होती प्रभा बिछायी जान। नवचेतना है आयी अभी लिपटी हुयी अदृश्यनाल, निज आशियाँ निर्मित यहाँ है दंभ निति उसकी चाल। बनते मुसाफिर है यहाँ…

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शहीद सैनिक पर कविता :- जब तक जिंदा था सैनिक | Shaheed Sainik Par Kavita

आप पढ़ रहे हैं शहीद सैनिक पर कविता ( Shaheed Sainik Par Kavita ) "जब तक जिंदा था सैनिक" :- शहीद सैनिक पर कविता   जब तक जिंदा था सैनिक, वह देश की सरहद पर ही रहा। अपने परिवार को देख सके, उसे इतनी फुर्सत मिली कहां। इस देश की…

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