आप पढ़ रहे हैं विनय कुमार जी द्वारा रचित ( Hindi Bhasha Ka Mahatva Par Kavita ) हिंदी भाषा के महत्व पर कविता :-

हिंदी भाषा के महत्व पर कविता

हिंदी भाषा के महत्व पर कविता

उर्दू से परहेज नहीं, अंग्रेजी लगता प्यारा ।
हिंदी को ही भूल गया है, हिंदुस्तान हमारा ।
बोलो सा रा रा रा रा ,बोलो सा रा रा रा रा ।

अ आ इ ई याद नहीं, पर ए बी सी डी आती ।
अंग्रेजी का मान देख के ,हिंदी है शर्माती ।
है बुखार ये ऐसा जिसका डाउन न होता पारा।
बोलो सा रा रा रा रा ……….।

हो गए वर्षों पता नहीं कब, मरा लार्ड मैकाले।
फिर भी मिल जाते हैं उसके, चाचा ताऊ और साले।
अँग्रेजी पे जान छिड़कते, हिंदी नहीं गवारा ।
बोलो सा रा रा रा रा ………………।

राजनीति के ग्याता इससे, अपनी रोटी सेंकें।
और नहीं कुछ सूझे तो, भाषा का पासा फेंकें।
हम लड़ जाते आपस में, और बहे खून की धारा।
बोलो सा रा रा रा रा …………….।

अंग्रेजी की इस बेड़ी को, तोड़ेगा अब कौन।
व्यथित खड़ी है भारत माता, सजल नयन मुख मौन।
आँसू इनकी पोंछना है, पहला कर्त्तव्य हमारा ।
बोलो सा रा रा रा रा …………….।

चलो शपथ लें आज हम अपनी, भाषा भेद मिटा देंगे ।
एक देश है, एक है भाषा, दुनिया को ये दिखा देंगे ।
हिन्दी का परचम लहराए, देखे जग ये सारा ।
बोलो सा रा रा रा रा …………….।

पढ़िए :- हिंदी भाषा के महत्त्व पर दोहा संग्रह


विनय कुमार (भूतपूर्व सैनिक )यह कविता हमें भेजी है विनय कुमार (भूतपूर्व सैनिक ) जी ने बैंगलोर से।

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