हिंदी कविता : बाल बलिदान | Hindi Kavita Bal Balidan
आप पढ़ रहे हैं ( Hindi Kavita Bal Balidan ) हिंदी कविता : बाल बलिदान हिंदी कविता : बाल बलिदान देखता हूँ आते जाते अक्सर कच्ची-पक्की सड़कों पर। इक रोटी के टुकड़े खातिर, नन्हीं उम्र की नाजुक मेढ़ों पर। लाचारी के चलते रथ पर, महलों के बनते-उजड़े पथ पर। कौड़ी…

