भाई पर कविता :- मेरे भाई तुम | Bhai Par Kavita
भाई पर कविता हर ख़ुशी में, हर गम में, हर समय पर आपका साथ हो मेरे भाई तुम पापा के नाज हो। हम सब की सारी खुशियों का तुम ही एक राज हो, तुम ही तो बहनों की, राखी का लाज हो, वैसे तो तुम पत्थर की तरह कठोर हो,…
भाई पर कविता हर ख़ुशी में, हर गम में, हर समय पर आपका साथ हो मेरे भाई तुम पापा के नाज हो। हम सब की सारी खुशियों का तुम ही एक राज हो, तुम ही तो बहनों की, राखी का लाज हो, वैसे तो तुम पत्थर की तरह कठोर हो,…
कोरोना पर कविता यह कैसा आया है दौर,कि सभी सड़कें वीरान है। बंद सभी दुकानें और सब गलियाँ भी सुनशान हैं। मानवता पर देखो कैसे, संकट के बादल हैं छाए, खुले में घूम रहे हैं पशु,और पिंजरे में कैद इंसान है। कोरोना की महामारी से,सभी कितने ही हैरान हैं। शहर…
धरती पर कविता धरती मानव की जान है समाया इसमें जहान है, प्रकृति सुख हमको देती महिमा सबसे महान हैं। मानव को पुत्र मानकर एक जैसा सबसे करती प्यार, अनाज का भरके भंडार कृपा करती हैं बार बार। वृक्षों की छाया में राही अपनी थकान को देता आराम, फल खाकर…
Difficulty Poem In Hindi आप पढ़ रहे हैं कठिनाई पर कविता :- कठिनाई पर कविता कठिनाइयां तो हैं वरदानइनमे छिपा अनमोल ईनाम,जो डरकर इनसे भागतादुखद होता उसका अंजाम परखती सूरमा के गुणों कोविचलित करती यह राही को,हसकर जो करता इसे पारसफल करती उस सिपाही को सहज मार्ग नहीं करती प्रदानभेट तम करती और तूफान,साहसी विपदा पे करके…
बहन की याद में कविता मेरी प्यारी बहना तुम हमेशा मुझे सताती हो, मेरी झूठी बात को भी, सही हमेशा मान जाती हो, मेरी प्यारी बहना मुझको तुम बहुत याद आती हो । वो हमारे बचपन के झगड़े अभी भी याद आते है, बचपन की सब प्यारी बातें, सारे रिश्ते…
आप पढ़ रहे हैं हनुमान जी पर कविता :- हनुमान जी पर कविता जय हनुमान ज्ञान के सागर, कृपा करो हे कष्ट के नाशक, पवनतनयअंजनी के लाला, श्रीरामजी की सेवा ही है काम तुम्हारा। बल बुद्धि के तुम हो स्वामी कृपा करो हे जग के स्वामी। ज्ञान शक्ति के तुम…
हिंदी कविता हम भारतवासी दर्द में भी खुशी मनाते हैं, इसीलिए हम भारतवासी कहलाते हैं। दर्द मतलब कुछ नहीं, हंसते हंसते सारी मुश्किलें पार कर जाते हैं, इसीलिए हम भारतवासी कहलाते हैं। फर्क नहीं पडता कौन क्या कहता है, हम तो सबको सुखी देखना चाहते हैं, इसीलिए हम भारतवासी कहलाते…
Prerak Laghu Kavita आप पढ़ रहे हैं प्रेरक लघु कविता " पुराने विश्वासों की तोड़ जंजीरें " :- Prerak Laghu Kavitaप्रेरक लघु कविता पुराने विश्वासों की तोड़ जंजीरेंसकारातमक शब्द धारण करके,जाग्रत करो नये सपनों के चित्रप्रबल एहसास अवचेतन में भरके। प्रकृति का यह अदभुद रहस्यहरा भरा कर देता रेगिस्तान को,मानव की सच्ची कल्पनाओं सेहासिल करता…
पढ़िए कवि और चोर की नोकझोंक वाली हास्य व्यंग्य कविता लक्ष्मी और सरस्वती ( Hasya Vyangya Kavita Laxmi Aur Saraswati ) :- हास्य व्यंग्य कविता लक्ष्मी और सरस्वती एक रात, एक चोर, कवि के घर, करने चला गया चोरी, उम्मीद थी कि, मिलेगी वहाँ नोटों से भरी कोई तिजोरी, मुझे…
पेड़ों की रक्षा व वृक्षारोपण हेतु प्रेरित करती ( Ped Bachao Bal Kavita In Hindi ) पेड़ बचाओ पर बाल कविता " वृक्ष बचाएं हम " पेड़ बचाओ पर बाल कविता तुलसीपत्र में देव विराजित , समस्त रोगों का करती है नाश । तुलसी तुमको नित्य वन्दन है , समस्त…
धूप की आत्मकथा कविता मैं धूप हूँ, अक्सर परछाईं से डर जाता हूँ, फिर भी परछाइयों के संग गुजर जाता हूँ। क्या होता है कहाँ, सब खबर है मुझको, हर डगर, हर नगर, हर शहर जाता हूँ। दूर तलक जहाँ खुश लोग नज़र आते हैं, वहाँ कुछ देर के लिए…
Phool Ki Abhilasha Kavita - आप पढ़ रहे हैं फूल की अभिलाषा कविता :- Phool Ki Abhilasha Kavitaफूल की अभिलाषा कविता फूल हूँ मैं छोटा सा,यही मेरे जीवन की परिभाषा है।देवों के चरणों में चढ़ जाऊं,मेरे जीवन की छोटी सी अभिलाषा है। चाह नहीं मुझे की मैंगहने में गूँथा जाऊ,चाह नहीं सुन्दर नारी बन,स्वयं पर इठलाऊँ।उन पावन…