कठिनाई पर कविता :- कठिनाइयां तो हैं वरदान | Difficulty Poem In Hindi

Difficulty Poem In Hindi आप पढ़ रहे हैं कठिनाई पर कविता :-

कठिनाई पर कविता

कठिनाई पर कविता

कठिनाइयां तो हैं वरदान
इनमे छिपा अनमोल ईनाम,
जो डरकर इनसे भागता
दुखद होता उसका अंजाम

परखती सूरमा के गुणों को
विचलित करती यह राही को,
हसकर जो करता इसे पार
सफल करती उस सिपाही को

सहज मार्ग नहीं करती प्रदान
भेट तम करती और तूफान,
साहसी विपदा पे करके पार
वह भरते अम्बर की उड़ान

विपत्तियों से जो घबराते है
विफल करती उनके प्रयास,
सामना करके जो आगे बढ़ते
विजय करती उनकी तलाश

संघर्स जीवन में जो करता अपार
खुशियों से उसकी झोली भरती,
मेहनत त्याग के जो करता आराम
सबके समक्ष तिरस्कार है करती

आसान नहीं सपनो को पाना
मानव का लेती अनेक इम्तिहान,
मुश्किलें जब आती है पथ में
सच्चे योद्धा का कराती पहचान

संकटों को जो करता स्वीकार
निरंतर चलता नहीं करता विराम,
कर्मठ व्यक्ति मानकर उसको
देती अनोखे चमत्कारी परिणाम

पढ़िए :- जोश भरने वाली कविता “प्रबल इच्छा ने जब ललकारा”


नमस्कार प्रिय मित्रों,

सूरज कुमार

मेरा नाम सूरज कुरैचया है और मैं उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के सिंहपुरा गांव का रहने वाला एक छोटा सा कवि हूँ। बचपन से ही मुझे कविताएं लिखने का शौक है तथा मैं अपनी सकारात्मक सोच के माध्यम से अपने देश और समाज और हिंदी के लिए कुछ करना चाहता हूँ। जिससे समाज में मेरी कविताओं के माध्यम से मेरे शब्दों के माध्यम से बदलाव आए।

क्योंकि मेरा मानना है आज तक दुनिया में जितने भी बदलाव आए हैं वह अच्छी सोच तथा विचारों के माध्यम से ही आए हैं अगर हमें कुछ बदलना है तो हमें अपने विचारों को अपने शब्दों को जरूर बदलना होगा तभी हम दुनिया में हो सब कुछ बदल सकते हैं जो बदलना चाहते हैं।

“ कठिनाई पर कविता ” ( Kathinai Par Kavita ) के बारे में कृपया अपने विचार कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें। जिससे रचनाकार का हौसला और सम्मान बढ़ाया जा सके और हमें उनकी और रचनाएँ पढ़ने का मौका मिले।

यदि आप भी रखते हैं लिखने का हुनर और चाहते हैं कि आपकी रचनाएँ हमारे ब्लॉग के जरिये लोगों तक पहुंचे तो लिख भेजिए अपनी रचनाएँ hindipyala@gmail.com पर या फिर हमारे व्हाट्सएप्प नंबर 9115672434 पर।

हम करेंगे आपकी प्रतिभाओं का सम्मान और देंगे आपको एक नया मंच।

धन्यवाद।

You may also like...

Leave a Reply

Your email address will not be published.