हिंदी कविता गांव पर :- गांँव की तो बातें ही निराली | Gaon Kavita
हिंदी कविता गांव पर हरी भरी हरियाली तेरी मोह लेती हो मन को मेरी, हमेशा अपनी याद दिलाती गांँव की तो बातें ही निराली। कही चौपल पर बैठ कर बड़े एक दूसरे से बाते करते, कहीं छोटे-छोटे बच्चे खेले और मुलाकाते करें, सब जगह खुशी का माहौल बने जैसे होली…

