दूर हो जाने पर कविता :- इस तरह छोड़ो मत मेरा साथ तुम यूँ
दूर हो जाने पर कविता मेरे सपनों को तुम,इस तरह तोड़ो मत। अपना रुख तुम कहीं,और मोड़ो मत। कि मर जायेंगे हम,अब तुम्हारे बिना मेरा साथ तुम यूँ,इस तरह छोड़ो मत। क्यूँ पागल बनाया,था तुमने मुझे गर जाना ही था तो,क्यूँ लगाई ये लत। सुनलो मेरी गुजारिश,तुम न जिद्दी बनों…

