मातृभूमि पर कविता – मातृभूमि ( माँ ) तुझे प्रणाम | Matrubhumi Par Kavita
“इस पवित्र धरा की अनंत महिमा, उसके असीम गौरव और हमारी आत्मा में बसती मातृभूमि के प्रति श्रद्धा को समर्पित आज प्रस्तुत है एक ऐसी रचना, जो न सिर्फ़ शब्दों में, बल्कि भावना में भी भारत की माटी की सुगंध समेटे हुए है। यह कविता है—समर्पण, सम्मान, संस्कार और सनातन…

