Sainik Par Hindi Kavita | सैनिक पर कविता | Patriotic Poem On Soldier

Sainik Par Hindi Kavita – आप पढ़ रहे हैं सैनिक पर कविता :-

Sainik Par Hindi Kavita
सैनिक पर कविता

Sainik Par Hindi Kavita

छोड़कर घर का सुख
जो सीमा पर जाता है
दुश्मन की छाती पर
तिरंगा गाड़ आता है।

वह हमारे देश का वीर सैनिक
जागता रहता है
रात-दिन, धूप हो या बरसात
खड़ा रहता है।

सरहद पर सीना ताने
चाहे गोलियों की हो बौछार
यह देश चैन से सोता है
जब वह पहरे पर वह होता है।

जिनकी वजह से आज सुरक्षित
है यह आवाम
दिल से उन वीर सैनिकों को
है मेरा सलाम।

पढ़िए :- फौजी की कविता | वीर सैनिक का संदेश


रचनाकार का परिचय

नूर मोहम्मद

यह कविता हमें भेजी है नूर मोहम्मद जी ने सहारनपुर से।

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