दुःख भरी कविता :- अगर प्रिय होता कोई | Dukh Bhari Kavita
इस जीवन में कोई भी अपना नहीं। सारे संबंध मात्र स्वार्थ के लिए निभाये जाते हैं। इस बात का आभास होने पर हर इंसान को दुःख होता है। तो आइये पढ़ते हैं इसी विषय पर कालिका प्रसाद सेमवाल जी की " दुःख भरी कविता " में - दुःख भरी कविता…

