Hindi Poem On Hope | उम्मीद पर कविता

Hindi Poem On Hope - आप पढ़ रहे हैं उम्मीद पर कविता :- Hindi Poem On Hopeउम्मीद पर कविता जीवन में मिले शांति,रखो ईश्वर से उम्मीद‌।सबके घर मने,दीपावली और ईद। ना उम्मीद होना तो,जीवन का होगा अंत।हम तो गृहस्थी है,उम्मेदी होते फकीर संत। हमेशा रखनी चाहिए,विजय की उम्मीद।करो ऐसा परिश्रम,उड़…

Continue ReadingHindi Poem On Hope | उम्मीद पर कविता

2 Line Shayari On Maut | मौत पर शायरी 2 लाइन | Death Shayari In Hindi

Shayari On Maut - प्रस्तुत हैं मौत विषय पर आधारित प्रसिद्ध शायरों द्वारा रचित बेहतरीन शेर। आइए पढ़ते हैं ( Death Shayari In Hindi )मौत पर 2 लाइन शायरी :- Shayari On Mautमौत शायरी 2 लाइन 1.मौत उस की है करे जिस का ज़माना अफ़्सोस,यूँ तो दुनिया में सभी आए…

Continue Reading2 Line Shayari On Maut | मौत पर शायरी 2 लाइन | Death Shayari In Hindi

6 हिन्दी कविताएं | 6 Hindi Kavitayen By Vishal Shukla

आप पढ़ रहे हैं 6 हिन्दी कविताएं :- 6 हिन्दी कविताएं जिंदगी खूबसूरत है। देख सको तो देखोतितली के रंग-बिरंगे परो कोबादलों से घिरे नीले आसमां कोफूलों से भरी क्यारियों को। महसूस कर सको तो करोमुस्कान से उपजे एहसास कोअपनों के संग गुजारे लम्हात कोस्पर्श के जज़्बात कोकि ज़िंदगी खूबसूरत…

Continue Reading6 हिन्दी कविताएं | 6 Hindi Kavitayen By Vishal Shukla

Hosla Par Kavita | हौसले पर कविता

Hosla Par Kavita - आप पढ़ रहे हैं हौसले पर कविता :- Hosla Par Kavitaहौसले पर कविता संघर्षों से निजात हेतु,लेने पड़ते है कठिन फैसले। इसलिए हमेशा बढ़ाना है,दूसरों की हिम्मत व हौसले। हौसला व हिम्मत,है ऐसा हथियार।नकारा भी हो जाते है,काम करने के लिए तैयार। हौसला अफजाई से,मिलता है बड़ा…

Continue ReadingHosla Par Kavita | हौसले पर कविता

Kalam Par Kavita | कलम पर कविता – उठे कलम जब

Kalam Par Kavita - आप पढ़ रहे हैं कलम पर कविता " उठे कलम जब " :- Kalam Par Kavitaकलम पर कविता उठे कलम जब,लेखक साहित्यकार की। सृजन होती है रचनाएं,भिन्न भिन्न प्रकार की। देती है जीवन मे नव संदेश,बदलाव की करती है पुकार। बुराइयों को देता है चुनौती,उठा कलम…

Continue ReadingKalam Par Kavita | कलम पर कविता – उठे कलम जब

Naye Saal Par Kavita | नए साल पर कविता – आया पावन सवेरा

Naye Saal Par Kavita - आप पढ़ रहे हैं नए साल पर कविता :- Naye Saal Par Kavitaनए साल पर कविता नये साल का आया पावन सवेरापावन पवित्र कर दे मन तेरा मेरा। फूलों सा कलियों सा मन मुस्करायेंभौंरों के गीतों सा हम गुनगुनायेंधरती गगन गूंजें चिड़ियों का कलरवआओ मन…

Continue ReadingNaye Saal Par Kavita | नए साल पर कविता – आया पावन सवेरा

मन की व्यथा पर कविता | माता-पिता की वेदना पर लिखी कविता

मन की व्यथा पर कविता - आप पढ़ रहे हैं Man Ki Vyatha Par Kavita :- Man Ki Vyatha Par Kavitaमन की व्यथा पर कविता छुपाता रहूं कब तलक मन की पीड़ासुलगते सुलगते जलाता है तन को। समझा था जीवन की ज्योति सा बनकर,बनेगा सहारा बुढ़ापा तिमिर में।कट जाएगा अवशेष जीवन कठिन पलपलकों का सपना सजाया था दिल में । कहूं दोष खुद का या कोसूं मुकद्दर,बना आज जीवन कुम्हलाता नीरज ।दीपक समझकर संभाला था जिसको,जलाया मुझे बन दुपहरी का सूरज। बताऊं कैसे व्यथा अपने मन की ,बिठाऊं कहां से कहां अपनेपन को ।छुपाता रहूं कब तलक मन की पीड़ासुलगते सुलगते जलाता है तन को । कर त्याग केंचुल सा जननी की ममता,गया बन निर्मम किस सपने में खोये ।न बन बेखबर हो सजग मेरे प्यारे,गया टूट बन्धन तो फिर जुड़ न पाये । किया क्या न पूजा दुआ तेरे खातिर,कर दी आहूति खुद के सपने सजोये ।बस तू ही था सच्चे सपने निराले,हम रखे सदा तुझको दिल से लगाये । सदा सोचता कि भूल जाऊं किये को,भीगी आंख से देखता हूं गगन को ।छुपाता रहूं कब तलक मन की पीड़ासुलगते सुलगते जलाता है तन को ।  अभिशाप बन न तू इकलौता औलाद,क्यों बन गया है तु हत्यारा जल्लाद।खुद सोंच गया छोड़ यदि तेरी दुनिया,पायेगा फिर न पिताजी का आह्लाद।। मैं देखा करतातेरा राह पल पल,हुआ शाम कब आयेगा नेत्र-तारा ।तनहा ठगा साहो जाता बेगाना,तु था मेरी दुनिया, प्यारा, दुलारा । मिलने को तुमसे तरसता हूं मैं अब ,बैठ पास ले रोक दिल के ज़लन को ।छुपाता रहूं कब तलक मन की पीड़ासुलगते सुलगते जलाता है तन को । मां, बोलो कम आप खुद को संभालों सिवाय आपके कौन सहारा मेरा ।दिल को पत्थर बना समझो मैं बांझ थी,खाके दो जून रोटी रहें हम पड़ा । न सताओ कभी आपने मां बाप को,धर के मंदिर में बैठे भगवान है ।कर लो तीरथ बरतसब जगह घूम कर,सबसे पावन ही इनके चरण धाम है जीना है जीवन यह अंतिम घड़ी तक,बिसारा भले है पर देगा कफन तो ।भुलाते रहो तब तलक मन की पीड़ा,जब तक न जाते हैं दूसरे वतन को। जब गैर होते हैं अपनों से बढ़करहम इसकेहैं अपने पराये नहीं हैभले छोड़ कर वह रहे दूर हमसेहम उसके बिना रह पाये नहीं है। बने वह हमारे लिए नागफनी साहमें तुलसी बनके रहना पड़ेगाछोटी सी जीवन बड़ी हो चली हैमिला गर है जीवन तो जीना पड़ेगा। बेटी गर होती तो वह चाह करतीजी आज करता है तुमसे मिलन को छुपाता रहूं कब तलक मन की पीड़ासुलगते सुलगते जलाता है तन को। इतना भला क्या कि रखा है घर मेंनही भेज देता किसी आश्रम मेंदेखा है बहुतो के लाशों का सिदृदतलाशों के उपर से बिकते कफ़न को छुपाता रहूं कब तलक मन की पीड़ासुलगते सुलगते जलाता है तन को। पढ़िए…

Continue Readingमन की व्यथा पर कविता | माता-पिता की वेदना पर लिखी कविता

कविता थकान का पसीना | Kavita Thakaan Ka Paseena

कविता थकान का पसीना - आप पढ़ रहे हैं Kavita Thakaan Ka Paseena :- Kavita Thakaan Ka Paseenaकविता थकान का पसीना मोती सा मस्तक पर झिलमिललुढ़क रहा धीरे धीरेझर झर झरता पग तल रज में ,जाता चूम चरण तेरे, इस मोती में भाग्य झलकतातेरा जी हो लेकर चल,तन मन का यह…

Continue Readingकविता थकान का पसीना | Kavita Thakaan Ka Paseena

कविता विदाई और स्वागत | नाव वर्ष के आगमन को समर्पित कविता

आप पढ़ रहे हैं कविता विदाई और स्वागत :- कविता विदाई और स्वागत ढलती शाम और डूबता सूरज..रात्रि के दरवाजे परआखिरी दस्तक दे..रहे हैं। सूर्य का ताप.. जैसे.. अंँधेरी रात नेलील लिया हो। हर लिया होबीते साल की बाधाओं नेजैसे..सारा तेज.. । लबालब भरी सजल आंँखें..तकती हैं..बीते साल डूबे ..सभी…

Continue Readingकविता विदाई और स्वागत | नाव वर्ष के आगमन को समर्पित कविता

Zindagi Kavita In Hindi | जिंदगी पर कविता

Zindagi Kavita In Hindi - आप पढ़ रहे हैं जिंदगी पर कविता Zindagi Kavita In Hindiजिंदगी पर कविता ईश्वर द्वारा बख्शीश,सांसों का नाम है जिंदगी।मन में ना हो गंदगी,जिंदादिल हो जिंदगी। सर ऊंचा रहे हमेशा,ऐसी जियो जिंदगी।कभी सर नीचा ना हो,झेलनी ना पड़े शर्मिदंगी। बात का सच्चा,लंगोट का पक्का।काम करो…

Continue ReadingZindagi Kavita In Hindi | जिंदगी पर कविता

सफर पर कविता | Safar Poem In Hindi

सफर पर कविता - आप पढ़ रहे हैं Safar Poem In Hindi :- Safar Poem In Hindiसफर पर कविता जिंदगी का सफ़र,सकून से है जीना।खुशी व गम आते है,सबको है पीना। जिंदगी है ईश्वर की अमानत,कहां व कब हो जाए खत्म।मिलन सार रहो सबसे,मत देओ किसी को सितम। जिंदगी के…

Continue Readingसफर पर कविता | Safar Poem In Hindi

Pyar Par Kavita | प्यार पर कविता

Pyar Par Kavita - आप पढ़ रहे हैं प्यार पर कविता :- Pyar Par Kavitaप्यार पर कविता एक बात कहूँ ये प्यार न करना,धोखा है ये कभी इकरार न करना ।भौंरा करता है फूल से प्यार,बाद में पड़ता है उसको मरना।अनमोल समय बर्बाद न करना,एक बात कहूँ ये प्यार न…

Continue ReadingPyar Par Kavita | प्यार पर कविता