Rose Poem In Hindi | गुलाब पर कविता | Gulab Par Kavita
Rose Poem In Hindi आप पढ़ रहे हैं गुलाब पर कविता :- Rose Poem In Hindiगुलाब पर कविता मैं गुलाब हूं फूलों में,रहता कृष्ण के झूलों में,या वीर जवानों के पथ परया सुंदर बालों के जूड़ो में, मेरा जन्म हुआ है कांटों में,जीवन के विघ्न सा बाटो में,वो चुभ जाए जो हिलूं जरा,हूं जिह्वा…

