हिंदी कविता आदमी | Hindi Kavita Aadmi
आप पढ़ रहे हैं हिंदी कविता आदमी :- हिंदी कविता आदमी आदमी आदमी को खाने दौड़ रहा है आदमी ही है जो आज दवाखाने दौड़ रहा है वो अस्पतालों के बाहर ऑटो में आरामफ़रमा मांसपेशियों में जकड़ा कुर्सी पर कहीं जमा ढेरों ट्यूब लगाए , बुज़ुर्गी में निरीह कहीं तड़पता…

