बेरोजगारी पर कविता | Berojgari Par Kavita

बेरोजगारी पर कविता - देश की एक समस्या " बेरोजगारी " पर रामबृक्ष कुमार जी की कविता :- बेरोजगारी पर कविता आदि अंत हो या अनन्त होमिटी कहां है क्षुधा किसी कीशायद इसी  लिए  ही ईश्वरकर खाने के लिए हाथ दी इन हाथों से मेहनत करनासीखा मैंने इस आशा सेसपनो…

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हिंदी कविता परछाई | Hindi Kavita Parchai 

हिंदी कविता परछाई - प्रस्तुत है हंसराज हंस जी द्वारा रचित रचना :- हिंदी कविता परछाई जीवन है बहुत छोटा,मत बनो हरजाई।करो दीनों की सेवा,बन उनकी परछाई। दुखियों की न जाने,कोई पीर पराई।कर रोज पाप कर्म,मत खोदो अपनी खाई। नर सेवा ही नारायण सेवा,जान करो सबसे प्रीत।बन मानव की परछाई,गाओ…

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कुमार विश्वास पर कविता | Hindi Poem On Kumar Vishwas

राघवेंद्र सिंह जी की प्रसिद्ध कवि कुमार विश्वास को समर्पित " कुमार विश्वास पर कविता " :- कुमार विश्वास पर कविता भारत जैसी पुण्य धरा सेएक बीज प्रस्फुटित हुआ।मार्तंड रवि दिनकर सा वहउदयाचल से उदित हुआ। पाकर ऐसा दिव्य लालधन्य हुई यह सकल धरा।वीणापाणि अंश है जन्मास्वयं प्रफुल्लित हुई स्वरा।…

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समय की पहचान कविता – कैसी है पहचान | Samay Ki Pahchan Kavita

राघवेंद्र सिंह जी द्वारा रचित समय की पहचान कविता समय की पहचान कविता कैसी है पहचान तुम्हारीकहांँ तुम्हारा बना निलय?मुझे बताओ अश्व समय केकरना है मुझे तुम्हें विजय। दांँव लगाने सामर्थ्य की तुमचार पांँव से ही चल आते।विविध रंग की राग रागिनीके संग में तुम बल लाते। है कितना पुरुषार्थ…

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हिंदी कविता जागो अब | Hindi Kavita Jaago Ab

रामबृक्ष कुमार जी की " हिंदी कविता जागो अब " हिंदी कविता जागो अब जागो अब जीवन लो तराश ।नीली  धरती  से  गगन  बीचमंगल जीवन  रेखा  लो  खींचकलमयुग कलयुग का इतिहास ।जागो !अब  जीवन  लो  तराश । धरती गगन समूचे जल को,नाप लिया जीवन के पल कोशिक्षा  से  है  जीवन  विकास ।जागो  !अब  जीवन  लो  तराश । न कृपा श्राप वरदान कोई      न स्वर्ग वैतरणी  दान कहींसच का करोगे कब एहसास ?जागो ! अब  जीवन  लो  तराश । करे न विधवा शुभ कार्य शुरूयह अपमान क्यों स्वीकार करूकब   ये    मिटेगा   अंधविश्वास।जागो !अब  जीवन  लो  तराश । पत्थर पर दूध गिराते होपर किसकी क्षुधा मिटाते हो?सत्य का कब होगा आभास?जागो !अब  जीवन  लो  तराश ।   क्या छुआ छूत क्या भेदभावनफरत का जलता क्यूं अलाव?मानवता   का   हो   रहा   हास।जागो !अब  जीवन  लो  तराश । मन दिल का ईश्वर मात पिताहैं श्रद्धा ममता के बृक्ष लताफिर क्यों होता है परिहास। जागो !अब  जीवन  लो  तराश । हाथों की रेखा भाग्य नहीहै कर्म इष्ट सौभाग्य यहीजग में भर दो जगमग प्रकाश ।जागो !अब  जीवन  लो  तराश । सद्भाव आचरण प्रेम कृत्यधरती को बनाते स्वर्ग नित्यकर लो मन में सुकर्म सुवास ।जागो !अब जीवन लो तराश । पढ़िए :- प्रेरणादायक कविता " प्रखर धूप में " रचनाकार का परिचय यह कविता हमें भेजी है रामबृक्ष कुमार जी ने अम्बेडकर नगर से। “ हिंदी कविता जागो…

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मतदान पर कविता – आ गई चुनाव की बेला | Matdan Par Kavita

डॉ ललित मोहन जोशी जी की चुनाव को समर्पित मतदान पर कविता " आ गई चुनाव की बेला " :- मतदान पर कविता आ गई चुनाव की बेला।यह तो लोकतंत्र का है मेला।।इसका तुम करो गुणगान।कर लो रे भैया तुम मतदान। देना तुम अपने विवेक से वोट।अपने लालच में मत…

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हिंदी कविता पागल | Hindi Kavita Pagal

हरीश चमोली जी द्वारा रचित हिंदी कविता पागल ( Hindi Kavita Pagal ) :- हिंदी कविता पागल मेरे सपनों को तुम,इस तरह तोड़ो मत।अपना रुख तुम कहीं,और मोड़ो मत।कि मर जायेंगे हम,अब तुम्हारे बिनामेरा साथ तुम यूँ,इस तरह छोड़ो मत। क्यूँ पागल बनाया,था तुमने मुझेगर जाना ही था तो,क्यूँ लगाई…

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जन्मदिन पर कविता – जन्मदिन मनाता चल | Janmdin Par Kavita

Janmdin Par Kavita - हरीश चमोली जी की जन्मदिन पर कविता " जन्मदिन मनाता चल " :- जन्मदिन पर कविता खुश रह तू ईश्वर के बंदे,जन्मदिन मनाता चल।जीवन की बढ़ती उम्र में,अपनी आयु घटाता चल। जी रहा है किस अहम मेंखाली हाथ तो जाना है।अपनों का संसार है पर,दरअसल यह…

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औरत पर कविता – बेड़ियाँ | Aurat Par Kavita

Aurat Par Kavita - श्वेता गौतम जी की " औरत पर कविता - बेड़ियाँ " Aurat Par Kavitaऔरत पर कविता वो तुम्हारी होकर क्यों,अपनी पहचान भूल जाती है।सीने में छिपा के दर्द जमाने का,तुम्हारे लिए मुस्कुराती है।। एक आह पे तुम्हारीवो मीलों दौड़ जाती है।एक औरत ही है ये,जो सब…

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Maa Sharde Vandana | माँ शारदे वंदना

Maa Sharde Vandana - प्रस्तुत है विक्की चंदेल जी द्वारा रचित " माँ शारदे वंदना " :- Maa Sharde Vandanaमाँ शारदे वंदना हे शारदे माँ हे शारदे माँ,ज्ञान का हमको वरदान दे। नफ़रत के छाए अंधेरे को,सबके दिलों से दूर कर दे। करूणामयी हंसवाहिनी माँ,मन में सबके करुणा भर दे।…

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माँ पर कविता | Maa Par Kavita

पढ़िए प्रज्ञा श्रीवास्तव "प्रज्ञांञ्जलि" जी द्वारा रचित माँ पर कविता :- माँ पर कविताMaa Par Kavita माँ इबादत है पूजा है,माँ भगवान का नाम दूजा है। माँ ममता का झरना है,माँ की दुआओं में ही फूलना फलना है। माँ आशाओं का पलना है,माँ के आशीर्वाद से ही जीवन भर चलना…

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पतंग पर कविता – पतंगों की कहानी क्या | Poem On Kite In Hindi

Poem On Kite In Hindi - यमुना पाठक जी द्वारा रचित " पतंग पर कविता " Poem On Kite In Hindiपतंग पर कविता किसी का रंग है पीला, किसी का रंग है नीलाकिसी का रंग धूसर तो ,किसी का खूब चमकीला।पतंगों की कहानी क्या, हवा में तैरती कश्तीकभी तो डोर…

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