मतदान पर कविता – आ गई चुनाव की बेला | Matdan Par Kavita

डॉ ललित मोहन जोशी जी की चुनाव को समर्पित मतदान पर कविता ” आ गई चुनाव की बेला ” :-

मतदान पर कविता

मतदान पर कविता

आ गई चुनाव की बेला।
यह तो लोकतंत्र का है मेला।।
इसका तुम करो गुणगान।
कर लो रे भैया तुम मतदान।

देना तुम अपने विवेक से वोट।
अपने लालच में मत करना लोकतंत्र पर चोट।।
लोग तुमको देने की कोशिश करेंगे हरे-हरे नोट ।
फिर भी तुम मत करना गलत को वोट।।

मत जाना तुम अपनी चुनाव आईडी घर में भूल ।
जाना जरूर मतदान के दिन।
वहां मिलेंगे पीठासीन,
उनके साथ मतदान अधिकारी तीन।।

छोड़ के सारे घर के काम।
कर लो रे भईया तुम मतदान ।
बुजुर्गों,महिला, दिव्यांगों का तुम करना सम्मान।
कर लो रे भैया तुम मतदान।

देखना ना किसी की जात।
चुनना उसको जो सुनता हो आपकी बात।
आ गई चुनाव की बेला।
कर लो रे भैया तुम मतदान।।

छोड़ के सारे घर के काम।
कर लो रे भैया तो मतदान।।

पढ़िए :- हास्य कविता : लाइब्रेरी और राजनीति


रचनाकार का परिचय

डॉ ललित मोहन जोशी

यह कविता हमें भेजी है डॉ ललित मोहन जोशी जी ने बागेश्वर, उत्तराखंड से।

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