Guru Mahima Par Kavita | Best Poem On Teacher
Guru Mahima Par Kavita आप पढ़ रहे हैं गुरु महिमा पर कविता :- Guru Mahima Par Kavitaगुरु महिमा पर कविता आंख मूंद झांकू अन्तर्मन,पाऊं पावन पग अवलंबन,परम पूज्य ईष्ट गुरु जनकर जोड़ करू अभिनंदन। चित चरित्र चेतना सृजनकर्ताभाषा भाव भावना प्रवर्तामात-पिता तो जीवन दाता,गुरू देव आप भाग्य विधाता। जाति धर्म सब एक न माना,गैरों…

