माँ की याद कविता | Maa Ki Yaad Kavita

+2

आप पढ़ रहे हैं ( Maa Ki Yaad Kavita ) माँ की याद कविता :-

माँ की याद कविता

Maa Ki Yaad Kavita | Mother Poem In Hindi | Sad Poetry | Maa Par Kavita | माँ की याद में कविता

 

माँ तुम बिन क्या हाल हुआ
पल-पल सदियाँ कहती है,
लौट आओ तुम फिर से माँ
अखियों से नदियाँ बहती है,

तुम बिन कैसे जीते हैं सब
इक पल ये अहसास करो,
बिन तेरे घर घर ना रहा
मेरा ये विश्वास करो,

बच्चों का क्या हाल हुआ
ताने दुनिया कसती है।
लौट आओ तुम फिर से माँ
अखियों से नदियाँ बहती है।

चारों तरफ सन्नाटा पसरा
सुधबुध सबने खो दी है,
मरघट-सा यूँ लगने लगा
नैना खून के आँसू रो दी है,

रौनक घर की चली गई
कैसे दीप जलाऐ हम,
कौनसे रंग में रंगकर माँ
कैसे तुझे मनाऐ हम,

सिर पे रख दो हाथ सभी के
बहू-बेटियाँ कहती है।
लौट आओ तुम फिर से माँ
अखियों से नदियाँ बहती है।

कदमों की आहट सुनते ही
खुशियाँ अपरंपार मिले,
चोट लगे जो दिल पे तो
आँचल में वो ही प्यार मिले,

पैरों में तेरे जन्नत है माँ
कैसे ये बतलाऊं मैं,
दर्द भरे दिल को समझो
कैसे यूँ मुस्काऊं मैं,

फिर से छुपालो आँचल में
खामोशी ये ही कहती है।
लौट आओ तुम फिर से माँ
अखियों से नदियाँ बहती है।

पढ़िए :- माँ की याद कविता ” माँ तुम बहुत याद आती हो “

“ माँ की याद कविता ” ( Maa Ki Yaad Kavita ) के बारे में कृपया अपने विचार कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें। जिससे लेखक का हौसला और सम्मान बढ़ाया जा सके और हमें उनकी और रचनाएँ पढ़ने का मौका मिले।

यदि आप भी रखते हैं लिखने का हुनर और चाहते हैं कि आपकी रचनाएँ हमारे ब्लॉग के जरिये लोगों तक पहुंचे तो लिख भेजिए अपनी रचनाएँ hindipyala@gmail.com पर या फिर हमारे व्हाट्सएप्प नंबर 9115672434 पर।

हम करेंगे आपकी प्रतिभाओं का सम्मान और देंगे आपको एक नया मंच।

धन्यवाद।

+2
Share on whatsapp
WhatsApp
Share on telegram
Telegram
Share on facebook
Facebook
Share on twitter
Twitter
Share on email
Email

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *