समय की पहचान कविता – कैसी है पहचान | Samay Ki Pahchan Kavita
राघवेंद्र सिंह जी द्वारा रचित समय की पहचान कविता समय की पहचान कविता कैसी है पहचान तुम्हारीकहांँ तुम्हारा बना निलय?मुझे बताओ अश्व समय केकरना है मुझे तुम्हें विजय। दांँव लगाने सामर्थ्य की तुमचार पांँव से ही चल आते।विविध रंग की राग रागिनीके संग में तुम बल लाते। है कितना पुरुषार्थ…

