मित्र पर कविता – मित्र वही जो खुल कर बोले | Mitra Par Kavita
आप पढ़ रहे हैं मित्र पर कविता :- मित्र पर कविता मित्र वही जो खुल कर बोलेहिय की बात भी मुंह पर खोलेनहीं छुपाए कोई बातदेता हर सुख दुख में साथप्यार का मधुरस दिल में घोले,मित्र वही जो खुल कर बोले। हर दुःख को वह अपना,समझेबात बड़ी हो पर ना…

