कविता सुकून की तलाश | मन पर कविता
आप पढ़ रहे हैं कविता सुकून की तलाश और मन पर कविता :- कविता सुकून की तलाश कभी भीड़, कभी एकांत, कभी आवाराबनकर घूमती हूँ में l यकीन मानों अब ख्वाबों में भी तो सुकून नहींअब हर रोज रात में सितारों से झगड़ती हूँ में l फुर्सत के पल तलाशती…

