दर्द भरी कविता :- यादों के दम पर | Dard Bhari Kavita
दर्द भरी कविता हम तो बस यादों के दम पर जिन्दगी जी जाएंगे । झेल कर लाखो सितम भी हम तुझे ही चाहेंगे ।। तुम मेरी आराधना हो साधना हो वंदना, तुम ही मेरे मन चमन के चंचरिक की कामना, मृगशिरा सी जल रही मरू भूमि की हो प्रार्थना, सावनी…

