ग़ज़ल अच्छा लगता है | Ghazal Achha Lagta Hai
ग़ज़ल अच्छा लगता है ख़त का आना,सबसे छुपाना, अच्छा लगता है। सोच के रखना नया ठिकाना, अच्छा लगता है। पहली टक्कर,ज़ोर का झगड़ा नहीं भूलता कुछ बार-बार क़िस्सा दोहराना, अच्छा लगता है। प्यार का बोसा,टपका आँसू, सुर्ख़ गुलाबी गुल ख़त से इत्र की ख़ुश्बू आना, अच्छा लगता है। चाँदनी रातें,तारे…

