कन्या भ्रूण हत्या पर कविता | Kanya Bhrun Hatya Par Sad Kavita
आप पढ़ रहे हैं कन्या भ्रूण हत्या पर कविता :- कन्या भ्रूण हत्या पर कविता माँ मुझे भी जीने की लालसा है!मेरी भी कुछ अभिलाषा है! मैं भी नभ के तारे बन चाहती हूँ दमकना!मैं भी सूरज बन नभ में चाहती हूँ चमकना! मुक्तगगन में पंख लगाकर उड़ना चाहती हूँ!माँ…

