शिक्षक दिवस पर दोहे | Shikshak Diwas Par 10 Dohe Dedicated To Teachers

Shikshak Diwas Par Dohe आप पढ़ रहे हैं शिक्षक दिवस पर दोहे :- Shikshak Diwas Par Dohe शिक्षक दिवस पर दोहे शिक्षक के ही ज्ञान से, मिले हमें पहचान।जीवन में आगे बढ़ें, सबका मिले सम्मान।। सारे संशय दूर कर, देता ज्ञान प्रकाश।जीवन होता सरल है, द्वेष भाव का नाश।। क्षमता उसकी ही बढ़े, शिक्षक जिसके…

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पर्यावरण पर कविता इन हिंदी :- मूक पेड़ बोल नहीं सकते हैं

पर्यावरण पर कविता इन हिंदी मूक पेड़ बोल नहीं सकते हैं परन्तु दर्द उनका महसूस करो। तुम एक नन्हा सा वृक्ष लगाकर जीवन में खुशी की किरण भरो।। दुखद जीवन से पतझड़ को तुम वृक्ष लगाकर बनाओ सावन। चीख चीख कर पुकार रही तुम्हे वृक्षों से भरो धरती का आंगन।।…

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कविता पर्यावरण पर :- कहीं खो गया | Kavita Paryavaran Par

कविता पर्यावरण पर वसुधा का वह सुनहरा दृश्य न जाने कहां लुप्त हो गया। प्रकृति का मोहक सा नजारा वृक्ष काटने से कहीं खो गया।। सूखे हुए पेड़ों के निराश तने आंसू बहा रहे हैं पतझड़ के। सलिल नहीं मिलने के कारण सूख रहे जीवन वृक्ष जड़ के।। वृक्ष काटने…

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शिक्षाप्रद हिंदी बाल कविता | Moral Poem In Hindi

शिक्षाप्रद हिंदी बाल कविता :- हमें धोखा देने वाले अपने ही होते हैं क्योंकि गैरों को हमारी कमजोरी का पता नहीं होता। इसलिए जीवन में सभी से सतर्क रहना चाहिए। लेकिन एक चीज जो उससे भी जरूरी है वह यह कि हम पर भले ही कितनी मुसीबत आये हमें कभी…

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ग़ज़ल तर्क वितर्क | Ghazal Tark Vitark

ग़ज़ल तर्क वितर्क मुश्क़िलों को समझें तर्क - वितर्क करें , मज़हबों में नहीं सोच में फ़र्क़ करें। कोहिनूर भी किसी ने चुरा लिया था , कमाई दौलत को समझकर ख़र्च करें। मंज़िलें , क़ामयाबी भी तब ही मिलेगी , चलने से पहले अपना इरादा ज़र्फ़ करें। पर जहाँ पर…

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हिंदुस्तान पर कविता :- हिंदुस्तान में | Hindustan Par Kavita Poem In Hindi

हमारा देश सभी देशों से अलग है और इसका कारन है यहाँ की एकता, मानवता और सुन्दरता। हिंदुस्तान जहाँ मेहमान को भगवान माना जाता है और सभी लोग आपस में मिल जुल कर रहते हैं। ऐसे ही हिंदुस्तान के चित्र को उतारने की कोशिश की है मैंने अपनी इस (…

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पटल को समर्पित कविता | Patal Ko Samarpit Kavita

पटल को समर्पित कविता पलता आया प्राण पिंजर में हर साँस ने मेरी गाया, एक से बढ़कर एक सुर-पाँखी पटल के मन को भाया। ढ़ली साँझ बन मुरली जैसी मधुर तान का फेरा, कलरव करते ओर चहकते चहूँ और परिंदी डेरा, अक्षर-मंत्र शब्द के टोने स्वर के बाण चलाया, रचनाओं…

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नारी पर कविता | Nari Par Kavita In Hindi | Poem On Woman

Nari Par Kavita In Hindi आप पढ़ रहे हैं नारी पर कविता :- Nari Par Kavita In Hindiनारी पर कविता मन में विश्वास हैहे नारी तू महान हैमां, बहन, बेटी,पत्नी के रूप में हो तुम सजती । तो देवी बन मां सरस्वती ,लक्ष्मी ,दुर्गा और काली के रूप में ,सर्वत्र पूजी जाती । हे…

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विश्व पर्यावरण दिवस पर हिंदी कविता | 5 जून पर विशेष कविता

विश्व पर्यावरण दिवस पर हिंदी कविता धरती की हरियाली को तूने लूटा है, बताओ कितने जंगल को तूने काटा हैं! वनो में अब न गुलमोर न गूलर खड़ी है, हरी- भरी धरती हमारी बंजर पड़ी है! क्या खाओगे बोलो और क्या साँस लोगे! अगर ये जंगल नहीं रहेगा तो तुम…

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कविता दर्द दिया तकदीर ने | Kavita Dard Diya Takdeer Ne

हमारे समाज और देश में आज-कल होने वाली घटनाओं को कौन नहीं जानता? ये सब देख कर आम आदमी चाहे खामोश रहे लेकिन एक कवि कभी चुप नहीं बैठता। वो अपनी आवाज उठाता है अपनी कलम से। ऐसे ही एक ककवि की भावना है यह आज के सच पर (…

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पति पत्नी प्रेम कविता | Pati Patni Prem Kavita

लॉकडाउन के बाद पति से मिलने पर पत्नी की भावनाओं पर लिखी गयी ( Pati Patni Prem Kavita ) पति पत्नी प्रेम कविता "साथ चलेंगे कदम कदम " पति पत्नी प्रेम कविता बड़े दिनों के बाद, मैं आई हूँ आपके पास संग मोरे झूमे सारी धरती और सारा आकाश। मैं…

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ऋतुओं पर कविता | Rituon Par Hindi Kavita

आप पढ़ रहे हैं ऋतुओं पर कविता :- ऋतुओं पर कविता जीवन का हर एक क्षण नहीं होता है एक समान। कभी होता है हरा भरा कभी होता है रेगिस्तान।। प्रकृति भी अपने मौसम समय के बाद बदलती हैं। जब सर्दी आती जीवन में मानव की एक न चलती है।।…

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